कविता – भारत जानता है |

कविता – भारत जानता है |
कोरोना हो या सेना दुशमन लड़ना भारत जनता है |
एटम हो वाइरस दुशमन लड़ना भारत जानता है |
प्रधान मंत्री मोदी जी ने जो कहा वो करेंगे हम |
काहे का डरना रोना धोना लड़ना भारत जानता है |
बचना कैसे रहना कैसे कोरोना सब हमने जान लिया |
नमस्ते कहना हाथ धोना मुंह जाली लगाना भारत जानता है |
बाबा रामदेव ने कहा योग करो हम रोज करेंगे |
नित्य शुबह प्राणायाम कपालभाती करना भारत जानता है |
करो या मरो मत डरो परीक्षा की घड़ी हमारी है |
बिना घबड़ाये हर महामारी निपटना भारत जानता है |
सदा सजग रहो सबको सजग करो भीड़ से अलग रहो |
होगा जो सरकारी फरमान चलना भारत जानता है |
गए जो बिदेश कमाने भाई वो भी घर वापस आने लगे |
पहले अपनी जांच सबसे अलग रहना भारत जानता है |
बंद है अभी सभी स्कूल कालेज माल बाजार जरूरी है |
खुल जाएँगे सभी थोड़ा धीरज धरना भारत जानता है |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

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