ख्वाब – 14

कुछ ख्वाब होते हैँ जलती चिंगारी

उनका मिट कर बुझना है ज़रुरी

कुछ ख्वाब होते हैँ मौत से भारी

उनको जन्मा कर मिटाना भी ज़रुरी

                                  …… यूई

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