राही

शब्दों से शब्द निकलते जाते हैं,
रिश्ते रिश्तों को समझते जाते हैं,

चलती है इसी रफ़्तार से ज़िन्दगी,
राही हम सब आगे बढ़ते जाते हैं।।

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” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

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