लगा दो फाँसी मुझे

लगा दो फाँसी मुझे, मैं खुशी से झूम जाऊँगा ।
मैं भारत का लाल हूँ, अन्याय के विरूद्ध बिगुल फूँक दुँगा ।।
कवि विकास कुमार

Related Articles

Responses

New Report

Close