पुर्वी गीत कररवा ये रजऊ

भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |
पलटी के ना देखला ये करेजउ |
धोखा मे हमके डाली हो गईला |
बोला बोला ये बेईमनवा |
कईला काहे करेजवा कठोर |
देखाई के हमके सपनवा |
बीच भवरा छोड़ी हो गईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
सुना सुना ये घटिहउ
छतिया फाटेला हमार |
पकड़ी के हमरो कलईया |
छोड़ी हमरा तू छलिया हो भईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
आवा आवा हमरे लगवा आवा |
माना ना बतिया हमार |
भरी अंकवारिया हो हमके |
प्यार हमके खाली हो कईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
मोब /वाहत्सप्प्स -995550928

Comments

22 responses to “पुर्वी गीत कररवा ये रजऊ”

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Good

  2. Shyam Kunvar Bharti

    धन्यवाद

    1. Shyam Kunvar Bharti

      धन्यवाद

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हृदयतल से आभार आपका

    1. Shyam Kunvar Bharti

      धन्यवाद

      1. Shyam Kunvar Bharti

        Ok लेकिन कहा

      2. Voting is live par jakar पूस की रात पर comment करे फिर वोट बटन दबाएं

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Ok

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

    1. Shyam Kunvar Bharti

      Thank you

  3. Kanchan Dwivedi

    Nice

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