मोहब्बत के झरोखे से ये कैसी रोशनी आयी मुद्दत बाद हमनें आज फिर नज़रें उठायीं हैं कि हम तो सोच कर बैठे हि थे अन्जाम क्या होगा कि किसने आज यूं ऐसे हमें हिम्मत दिलायी […]