कर के आया था मजदूरी, था थकन से चूर। रूखा-सूखा खा कर सो गया, वह बूढ़ा मजदूर। ओढ़ी एक फटी थी चद्दर, उसके सूराख़ों से घुस गए मच्छर। हाथ पैर पटकता था, मच्छर भगाने को। […]
कर के आया था मजदूरी, था थकन से चूर। रूखा-सूखा खा कर सो गया, वह बूढ़ा मजदूर। ओढ़ी एक फटी थी चद्दर, उसके सूराख़ों से घुस गए मच्छर। हाथ पैर पटकता था, मच्छर भगाने को। […]
जन्म लेकर जब आए, इस दुनियाँ में हम पहली बार। जो भी दृश्य देखा, चकित हृदय हमारा था। बारिश की पहली बूॅंदों ने भी, चकित इतना कर डाला पानी ,पानी कहकर हमने, वो दृश्य सबको […]
छोटी सी प्यारी गुड़िया रानी, पापा की राजकुमारी है । पापा की गोदी में खेले, पापा को सबसे प्यारी है। अपनी बातों से मन मोह ले, पापा भी हॅंसकर यूँ बोलें फूलों जैसी है कोमल […]
आज आरती का लेकर थाल, दुर्गा माॅं की करूँ वन्दना। बीमार पड़ी है घर के अन्दर, मेरी जननी मेरी माँ। कोरोना ने कैसा सितम किया है, देखो कैसा जुल्म किया है। आज उसे देखन को […]
यह हिन्दू नूतन वर्ष सभी को, हृदय में प्यार दे, खु़शियाँ अपरम्पार दे नए गेहूँ, चावल धान दे शिक्षा का वरदान दे दुखियों के दुख दूर कर सकूँ, सब को सदा सम्मान दूॅं ऐसा मुझे […]
हिंदू नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि की, आप सबको शुभकामनाएँ। यही है नववर्ष हमारा, यही जीवन में खुशियाँ लाए। एक जनवरी को क्या हुआ, क्या ऋतु बदली कोई? या बदला कोई मौसम। क्या फ़सल बदली? […]
नई फसल के आगमन का प्रतीक बैसाखी, खुशियों के आने का संकेत बैसाखी। नई फसल कटती है खेतों से, आती है घर। रौशन करती कृषक का जीवन, खुशहाली लाती घर-आंगन। नई फ़सल के आने से, […]
युद्ध से एक सैनिक घर आया, बिटिया को द्वारे पर पाया। एक हाथ में थैला था उसके, दूजा पीठ पीछे छिपाया। पांच साल की छोटी बिटिया के, चेहरे पर आई मुस्कान। उसने सोचा पापा के […]
प्रेम…. किसी को समझाया नहीं जा सकता। यह तो केवल एक अनुभूति है, जो स्वयं ही होती है। प्रेम स्वार्थहीन है, सागर सी गहराई लिए हुए , एक खूबसूरत एहसास!! इन्तजार में और भी वृद्धि […]
हरी दूब पर सुबह सवेरे, किस के बिखर गए हैं मोती। किस जौहरी का लुट गया है, देखो सुबह-सुबह खजाना। पुष्प और पल्लव सब मुस्काए, ये किसने हीरे बिखराए। देखो प्रकृति लुटा रही है, प्रा:त […]
ना राधा ना रुक्मणी, वो कान्हा की मीरा बनी। हरि नाम ही जपती थी, ऐसी उसकी भक्ति थी। विष का प्याला पी गई, जाने कैसे वो जी गई। भरी जवानी जोग लिया, मीरा ने सब […]
उगते सूर्य की रश्मियाँ, जब-जब पड़ी हरित किसलय पर सुनहरी पत्तियाँ हो गईं, देख सुनहरी आभा उनकी, आली, मैं कहीं खो गई। वृक्षों के बीच-बीच से, रश्मियाँ छन-छन कर आती थीं उषा काल की सुन्दर […]
मेरी एक सखी चली ससुराल, आशीष लेकर बुजुर्गों का। गले मिलकर सखियों के, भावी जीवन के सपने लेकर अपनी अंखियों में सखी चली ससुराल। सखियों की भी दुआएँ, लेती जाना तुम। साजन सॅंग मिलकर, नव-सॅंसार […]
टूटे सपनों की सिसकियाँ, नहीं सुनता है ये ज़माना। इसलिए कर्म पथ पर, मुझको है कदम बढ़ाना। यदि मैं कभी भटक जाऊँ, चलने से, सच्ची राह पर तब तुम मेरा हाथ पकड़ कर, ले आना […]
दिखा लो तुम भी दम, कम नहीं हैं हम। अपने देश के लिए, हम भी जाॅं लुटा देंगे। चीन, पाक जैसे बैरी को, पल में ही मिटा देंगे। चीन ने कोरोना फैलाया, पाक ने आतंक […]
ज़रा सी बारिश के छींटों से, क्यारी में खिल गए गुलाब। सुहाना सा हुआ मौसम, बहने लगी शीतल पवन। मयूर नृत्य कर उठे बाग में, कोयल गाती मीठे राग। इन्द्रधनुष भी दिखे गगन में, मीठे […]
चिकित्सक डटे हुए हर बार, बीमारों का करें उद्धार। लगाकर दवा ज़ख़्म पर, कर रहे हैं उपचार। शत्-शत् नमन् है चिकित्सकों को, उनके सेवा भाव को प्रणाम। गंभीर व्याधि के मौसम में भी, एक सैनिक […]
सच्चा साथी वही है, जो दुःख में भी साथ दे। हृदय में हो जब संताप, हाथ बढ़ाकर हाथ दे। अमावस सी काली रातों को, जो बना दे चाॅंद रात। ह्रदय में जब शूल चुभें, वो […]
नाम…. यही तो है हमारी पहचान, हमारे व्यक्तित्व की शान। नाम केवल एक नाम ही नहीं है, एक विशेष शख्सियत है… जिसे जानते हैं हम उस “नाम” से, उसके आचरण से और उसके व्यवहार से। […]
कोरोना की फिर तेज़ हुई रफ्तार है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। देश में कोरोना का विस्फोट, फ़िर से हो चुका है अब हम कितने तैयार हैं। वैकसीन भी आई है, कितनों ने लगवाई है?? […]
सुधा बरसे सदा वाणी से, ह्रदय में भी ना कोई गरल हो। कभी किसी का, दिल ना दुखाऊँ मैं मेरी वाणी मीठी और सरल हो। मदद कर सकूॅं पीड़ितों की, ऐसा भाव रहे सदा मन […]
ये दिल… वही क्यूॅं माॅंगता है!! जो अक्सर मिल ना पाए, लब वही क्यूॅं कहना चाहें!! जो अक्सर हम कह ना पाएं। काश!! दिल ही न होता, तो ये दर्द भी ना होता। हम दर्द […]
मेरे अश्क जो गिरे धरा पर, वो चमकीले ओस बने। मुस्कुरा दिए वो दूर से देखकर, मैं मोम सी पिघलती रही.. वो पाहन सम ठोस बने। मेरी सिसकियों में उनको, ठॅंडी पवन का एहसास हुआ […]
मायूसियों ने मेरा, पता ढूॅंढ लिया है लगता है अब हम को, बदलना पड़े ठिकाना । मायूसियाॅं देने लगी हैं दर्द ज्यादा, अब यहाॅं रहने का नहीं है कोई फ़ायदा। सामान अपना उठाकर, हम रुख़सत […]
साहित्य है सबके लिए, यही समाज का है दर्शन। रुचिकर भी हो पढ़ने में, हो उस काल का दर्पण। जीवन की समस्याओं पर भी करे विचार, ऐसा हो साहित्यकार। कठिनाइयों पर विजय पाने की, नैराश्य […]
साहित्य है केवल वह रचना, जिससे प्रकट हो समाज की सच्चाइयाॅं। भाषा और शिल्प भी उत्तम हो, दिलो-दिमाग पर असर डालने का हो गुण समाज का भला हो, हो यही भावना । प्रस्तुत करे जीवन […]
21 मार्च के बाद, प्रथम पूर्णिमा के पश्चात आने वाले पहले रविवार ईस्टर संडे मनाया जाता है। गुड फ्राइडे के बाद, आने वाला प्रथम रविवार ईस्टर संडे कहलाता है। उषा काल में महिलाओं द्वारा, की […]
ख़ास लोग जिन्दगी के, दिल की धड़कन जैसे हैं। दिखते नहीं हों चाहे वो, जिन्दगी के ख़ामोश सहारे से हैं। दिल की धड़कन के बिन जैसे, वजूद नहीं है जीवन का वैसे ही उनके बिना, […]
रास्ते की दूरियों से, फ़र्क नहीं पड़ता है कोई। बस, दिलों में दूरियाँ न होनी चाहिएं। एक सुखद सन्देश से ही, मन हो जाता है प्रसन्न बस, वह सन्देश हमें मिलते रहना चाहिए। दोस्त बनाते […]
निष्ठा ना कमजोर कभी करना प्रभु, नेक रस्ते पर ही हो चलना प्रभु। भूलकर भी किसी का दिल ना दुखाऊॅं, ऐसा आशीष मुझको देना प्रभु। दिल दुखाना चाहे यदि कोई और मेरा, उस राह पर […]
ये जो जिन्दगी है ना, बहुत ख्वाब दिखाती है। कुछ ख्वाब होते हैं पूरे, तो कुछ अरमान मिटाती है। तोड़ कर दिल कभी किसी का, उसको आंसू पिलाती है। कभी किसी को, बिन प्रयास ही […]
शुक्रवार का ही दिवस था, यीशु के बलिदान का दिन, सूली पर चढ़ गए, उस महान इन्सान की याद का दिन। शत्-शत् नमन है ईसा मसीह को मसीहा था जो इन्सानियत का एक पवित्र आत्मा […]
सम्मान और स्थान, बनाना किसी के दिल में आसाॅं नहीं है लेकिन, इतना भी कठिन नहीं है। थोड़ा सा त्याग करो गर, निज स्वार्थ से हो कर परे। कभी किसी के लिए भी सोचो, ऐसी […]
क्यूं ना थोड़ा सा, अलग बनें। खुश रहने की सलाह, बहुत दी.. अब खुश रहने की वजह बनें। मिटा कर किसी के, ह्रदय का संताप फिर अपने ह्रदय की खुशी को माप। खिलाकर किसी गरीब […]
नभ में तारे चमक रहे हैं, चन्द्रमा भी दमक रहे हैं। निशा की है शान निराली, सुबह के गए घर लौट रहे हैं। पंछी भी वापस नीड में आए, निशा की गोद में चैन पाएं। […]
सूर्य किरण सुधा समान, पौधों को कराती रसपान विटामिन डी इनमें विद्यमान, सूर्य इसीलिए पूजित हैं जीवनोदक इनकी रश्मियाँ, प्रदान करें आलोक, इस लोक को.. सुनहरी किरणों से l सूर्य के दर्शन हों हर रोज़ […]
नव प्रभात है बीती निशा उठ कर करो पूर्ण अपनी आशा, स्वप्न करने को पूरे, आया है दिवस सुनहरा l रात भर जो देखे स्वप्न, आओ पूरे करते हैं l उठा तूलिका परिश्रम की, उल्लास […]
*****हैप्पी होली, आप सभी को हैप्पी होली स्नेह बरसता रहे यूॅं ही, रहे सदा ही मीठी बोली आप सभी को हैप्पी होली प्रार्थना है प्रभु से यह मेरी, रहे सभी दुखों से दूर तन स्वस्थ […]
दही बड़े खट्टी-मीठी चटनी संग, मैंने बहुत बनाए l लाल, गुलाबी केसरिया पीले, रंग भी बहुत लगाए l मीठी गुजिया, चटपटे दही बड़े, सब ने मिलजुल कर खाए l आप की होली कैसी रही, हमको […]
अब के बरस भी होली पर, दो गज़ दूरी मास्क जरूरी होलिका दहन है लेकिन, जत्था नहीं लगाना है, झुंड नहीं बनाना है, कोरोना से दूर ही रहना, वरना पड़ जाएगा सहना इसीलिए मानो यह […]
आज होली पर, देख आली चाॅंद पूरा हो गया l छिड़क रहा है रजत धरा पर, उसका ख्वाब पूरा हो गया l सितारे भी मुस्कुराते से प्रतीत हो रहे अंधियारी राहों में, देख उजाला हो […]
दुनियाॅं के रंगमंच पर, हम सभी आते हैं अपना-अपना किरदार निभाने, किरदार निभाते-निभाते भूल ही जाते हैं.. कि एक दिन इस रंगमंच से, जाना है एक दूसरी दुनियाँ में, यहां रहकर जो मिला है किरदार, […]
होली पर ना पीना हाला, हानि देता है बदन को इसका एक छोटा सा प्याला गुजिया खाओ लड्डू खाओ, रंग लगाकर मौज उड़ाओ अभी जवाॅं हो अभी युवा हो, अभी तो देगी यह अभिराम धीरे-धीरे […]
सात रंग के कलश भरे हैं, अबीर उड़ रहे हैं पवन में l राहें भी रंगीन हुई है, जब से आप बसे हो मन में l सुर्ख पलाश का केसरिया पानी बरसाऊंगी प्रीतम तुम पर, […]
होली में मिलें कई रंग, रंग दो मुझको साॅंवरिया लाल, गुलाबी प्रेम रंग है, हो गई मैं तो बावरिया, रंग दो मुझको साॅंवरिया l हरा रंग खुशहाली का रंग, हरे रंग से खेल मेरे संग […]
रंग रंगीली होली आई, सबके मन उमंग भर लाई l इंद्रधनुष धरा पर उतरा, रंगा, रंग से कतरा कतरा l रंगे रंग से सबके गाल, लेकर घूमें सभी गुलाल l गुजिया, लड्डू खूब खाए, रंग […]
फूलों और गुलाल के रंग, लेकर आए बधाई संग l लगा लो रोली, बाॅंध के मौली आने को है रंग बिरंगी होली l रंगभरी एकादशी की, आज सबको है बधाई l अबीर और पिचकारी लेकर, […]
महफ़िल का माहौल इस कदर न बिगाडिए किसी पर यूॅं कीच न उछालिए खुद के गिरेबां में ग़र झाॅंक सको तो ठीक वरना किसी और पर यूॅं, तोहमत तो ना लगाइए l ताप हमारे अंदर […]
होली का त्यौहार है, रंगों की बौछार है, कहिए आपका क्या हाल है हर ओर गुलाल ही गुलाल हैl रंग बरस रहे हैं इस बार, बीते बरस ना आई यह बहार l कोरोना के कारण […]
फ़ागुन में एक गीत सुनाऊँ, आओ तुम्हे मन-मीत सुनाऊँ। दिल में है जो प्रीत सुनाऊँ साँझ हो चली दीप जलाऊँ। चादर ओढ़े लालिमा की, साँझ सुहानी जाने लगी है। दीपक की रौशन लौ से, एक […]
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