Piyar ek eshas hai Jo do dilo k pas hai Her kisi ko kbhi na Kbhi hota ye eshas hai Bs yhi piyar ko lekar Mere jasbat hai By RLv gahlot
Piyar ek eshas hai Jo do dilo k pas hai Her kisi ko kbhi na Kbhi hota ye eshas hai Bs yhi piyar ko lekar Mere jasbat hai By RLv gahlot
राही अंजाना है कहीं अंजाना ही रह ना जाए, ज़िन्दगी के इस जटिल सफर में कहीं बेमाना ही रह ना जाए, उठाते हैं कुछ अपने ही उंगलियां अपनी, कहकर के राही क्या किया तुमने, कहीं […]
कभी समय की ठोकर से, यदि हिल जाएँ विश्वास मेरे कभी जो तुमसे कहने को यदि, शब्द नहीं हों पास मेरे कभी तुम्हारी अभिलाषाएं,.. यदि मैं पूर्ण न कर पाऊँ प्रिय तुम भूल नहीं जाना, […]
निवेदन ——– ऐ पथिक राह दिखा मुझे मुख न मोड़ चल साथ मेरे भारत आजाद कराना है धर्म मेरा ही नहीं तेरा भी है भयभीत न हो विचार तो कर ध्वज हाथों में है अब […]
तुम खिलखिलाते खिल उठे गुलशन लजा गया । पहले कभी खिलाफ नहीं, ऐसा गुलाब था ।…..खुशियों की गंध मुबारक हो। आपका….. जानकी प्रसाद विवश…..।
****ख्वाहिश रखता हूं**** ना साथ की ख्वाहिश रखता हूं, ना प्यार की ख्वाहिश रखता हूं, मैं सिर्फ तुम्हारे चेहरे के दीदार की ख्वाहिश रखता हूं l हां मुझको तुम्हारी आंखों के ये खार कंटीले लगते […]
माँ भारती तेरी आरती । तेरी आरती माँ भारती ।। माँ भारती तेरे निगहबान सीमा प्रहरी हम पाकर अजेय वरदान डटे हैं सीमाओं पर इस कर्म-भूमि की माटी है मस्तक का टीका है कसम मिटा […]
???????? ग़ज़ल ——— डगमगाती सी नाव है भाई । भाइयों में तनाव है भाई ।। याद कैसे रहे लगी दिल की । आज झूठा लगाव है भाई ।। दिल बड़ा पाक-साफ होता था । अब […]
मातृभूमी पर दिल करता है हो जाऊं कुर्बान बना रहे ये प्यारा झंडा भारतवर्ष की शान देश के कितने ही भक्तों ने तुमको रक्त चढ़ाया है तब जाकर ये प्यारा झंडा लालकिला लहराया है आज […]
???????? ————————- भीगी रातें ————— सावन को जरा खुल के इस बार बरसने दो । राजी ही नही यारा दिल और तरसने को ।। दो तीन बरस बीते कुछ प्यार भरी बातें, अक्सर ही सताती […]
कितना बदल गया हूँ मै . लग चुके है दाम बाज़ार में मेरे ईमान के, बिक गया हूँ मै . तुम्हारे लिए क्या जिऊंगा मै- ए दुनिया वालो, जब खुद की ही जिंदगी से थक […]
Dil mai the vo or hum unhe zamane mai talash rahe the Mile bhi tou aise haseen modh per jab hum zindgi ko alvida bol kr khuda k ghr ja rahe the By RLv gahlot
Mohobat mai akser dil tut jate hai Or Riste bhi kache dhago ki trah tut jate hai Kuch gustakiyo or nadaniyo ka silsila tha Mage ab kya Kare jab apne hi apno se chut jate […]
Mohobat k Sher mai Katle aam hogye Jab se in labo pe unke nam hogye By RLv gahlot
उथल-पुथल जमीं कहीं पे, हो रहा शिथिल अभिमान I प्रतीत तो ये हो रहा, आज अकेला हिन्दुस्तान II यहाँ लुट रही है अस्मिता, पर उनको ये परवाह क्या ? टूट जाए आशियाँ पर, उनके लिए […]
कभी श्रापित अहिल्या सी पत्थर बन जाती है कभी हरण होकर सीता सी बियोग पाती है कभी भरी सभा में अपमानित की जाती है कभी बेआबरू कर अस्मत लूटी जाती है कभी बाबुल की पगड़ी […]
हम स्वतंत्र होगे एक दिन ये आस लिए कुछ प्रण किया था आह! क्या थे वो क्षण जब मैं नहीं हम थे सब ध्येय एक लिए हृदय में बढ़ चले थे ओज लिए सोज़ लिए […]
???????? ————————- प्रतिभाओं का धनी ————————— सत्य-बोध के मूल-बीज को प्रकृति ने स्वयं निखारा है प्रतिभाओं का धनी आदि से भारत-वर्ष हमारा है श्वर-व्यञ्जन को गढ़कर हमने शब्द, वाक्य मे ढ़ाल दिया मन की अभिव्यक्ति […]
आज जज्बे का इम्तेहा होगा कल कदमों में ये जहाँ होगा | आज काश्मीर जीत लेना है कल कब्जे में पाकिस्तां होगा || न धौंस दे मुझे ऐ दहशतगर्दी कल न तेरा नमो निशां होगा […]
मोहब्बत नहीं है क़ैद मिलने या बिछड़ने की, ये इन खुदगर्ज़ लफ़्ज़ों से बहुत आगे की बात है #पार्थ
वो अक्स अपना देखकर…. भीगी आँखों से मुस्कराई तो होगी मैंने कहा था उससे कभी…. उसकी आँखें मेरे दिल का आईना हैं. ** ” पारुल शर्मा ” **
इश्क के बाजार में दिल की तिजारत यूँ हुई सपनों के बदले नींद गयी बङी हिफाजत से रखा था प्यार दिल में रूह,दिल,नजर दिमाक आ गये हिरासत में खामोशी की लब्जों से बागाबत यूँ हुई […]
**समझदार लोग धूल फांकते हैं::आनन्द सागर** जो अपने आगे दूसरों को कम में आंकते हैं, ऐसे ही समझदार लोग धूल फांकते हैं l जिनसे अपने घर का हाल सम्भाला नहीं जाता, ऐसे […]
जिन्दगी का फलसफा कौन समझ पाता है हालात बदलते है नहीं वक्त गुजर जाता है कल ये हुआ,कल क्या होगा इस कशमकश में, पल पल पिस जाता है कल बदलता है नहीं आज बिगड़ जाता […]
आपने पत्थर को हीरा बना दिया, दीवानगी ने जाने कब, मीरा बना दिया। निरंतर पढ़ते रहें … जानकी प्रसाद विवश का रचना संसार……।।
मानव ^^^^^^ अहंकार का पुतला बन जा तज दे भली-भला, अरे क्या करता है मानव होकर सत्य की राह चला | तू मानव रहकर क्या पाएगा दानव बन जा, दुष्कर है नम रहना सहज है […]
” माँ ” ——- शब्दों के सद्भाव ^^^^^^^^^^^^^^^^^^ मानवता भी धर्म है जैसे इन्सानियत मज़हबी नाम, शब्दों के सद्भाव भुलाकर जीवन बना लिया संग्राम | सच्चाई के पाठ को पढ़ कर एक किनारे दबा दिया […]
तीन पहर बीत चले चांद कुछ दूर हुआ कुछ मिल गया तम में कुछ छूटा रह गया आकृति बिखर गयी धुंधली सी विक्षिप्त सी फैल गयी कहीं रेंगती परछाई सी समय बढ चला चौथे पहर […]
देश की आश ^^^^^^^^^^^^^^^^ आशा है अब आज़ादी के मैं सपने देख सकूंगा, आशा है मै फिर से प्यारा भारत देश बनूंगा| आशा मेरे आँगन मे राहत के […]
कूटनीति… राजनीति वट वृक्छ दबा है घात क़ुरीति की झाड़ी मे धूप-पुनीति को अम्बु-सुनीति को तरसे आँगन-बाड़ी ये कूटनीति सा कोई चोचला मध्य हमारे क्युं आया ये चिन्तन भी त्यागा हमने ह्रदय से इसको अपनाया […]
???????? ————————- प्रतिभाओं का धनी ————————— सत्य-बोध के मूल-बीज को प्रकृति ने स्वयं निखारा है प्रतिभाओं का धनी आदि से भारत-वर्ष हमारा है श्वर-व्यञ्जन को गढ़कर हमने शब्द, वाक्य मे ढ़ाल दिया मन […]
चाँद कि चांदनी को अपने आँगन में उतरने का , न्योता दे आऊं मै . दरवाजा खोल कर खिड़कियाँ बंद कर दी है मैंने, कहीं एसा ना हो दरवाजे से आकर , खिडकियों से निकल […]
Meri saso ko teri saso se iskadar mohobat ho gayi Dil ko bhi pta Na chala use dhadakne k liye Kab teri jarurat si hogyiii By RLv gahlot
Chand ki Roshni mai chamakte hai jugnu Tere dil ki gahrahiyo se mai Kaise niklu Chand ki Chandni mai kahi gum ho gya hai andhera Teri yado mai dekhu mai apna savera By RLv gahlot
अपनी जो आज़ादी थी, मानो सदियों के सर्द पर, इक नज़र धुप ने ताकी थी। ‘पर’ से तंत्र, ‘स्व’ ने पायी थी, पर ‘संकीर्ण-स्व’ से आजादी बाकी थी। अफ़सोस…! ये हो न सका, और अफ़सोस […]
रोकर खुद वो दूसरों को हंसाता है, देखो वो जोकर कैसे अपना किरदार निभाता है, सहज नहीं होता होगा यूँ, अपने दर्द छुपाना, कितना मुश्किल होता होगा ये किरदार निभाना, हरगिज़ नहीं है ऐसा के […]
सुख-दुख के अफसाने का, ये राज है सदा मुस्कुराने का, ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं, ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का, जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का, ना जानें […]
Sone ka Bharat,mera Chandi ka Gujarat Hai -2 Tajmahal Dekhke,Lalkila Dekhke Dushman bhi Hairan Hai -2 Sone ka Bharat… Gandhi ka jawab Nahi,Nehruji Lajwab Hai-2 Modi Ko Dekhke,Kejriwal Ko Dekhke,mushraf Bhi Hairan Hai -2 Sone ka Bharat… Sachin ka jawab Nahi,Viru Bhi Lajwab Hai-2 Dhoni Ko Dekhke Kohli Ko Dekhke Watson Bhi Hairan Hai-2 Sone ka Bharat… Bacchan ka jawab Nahi,Dharmendra bhi Lajwab Hai-2 Priyanka Ko Dekhke,Aaliya Ko Dekhke,Hollywood Hairan Hai-2 Sone ka Bharat… Sonu ka jawab Nahi Himesh […]
वक्त की परीक्षा में पास तुम्हें होना है हर पल हँसते रहना कभी नहीं रोना है। कोशिश मे कोई कसर कभी भी नहीं छोड़ो आगे जो कुछ होना वो सब तो होना है । निरंतर […]
जीवन चक्र के बनते बिखरते क्रम में, कितने पल हम मिल-बाँट जीए, कुछ छिछले बर्तन सम, द्रवित पल न थाम सके, कितने मोती सम पल, समय की धार में फिसल गए, कितनी रातें सहमी -सहमी, […]
रात भर करवटें मैं बदलता रहा अँधेरो में खुद को छलता रहा टूटा नहीं जमाने की चोट से साँसों की तपिश से पिघलता रहा ताल्लुक नहीं था जिनसे मेरा उनको भी ताउम्र सहता रहा दिल […]
बहाई थीं बचपन में जो कश्तियाँ सारी, आज समन्दर में जाकर वो जहाज हो गई है, चलाई थीं सड़कों पर जो फिरकियाँ सारी, आज समय के बदलाव में गुमराह हो गई हैं, बनायी थीं रेत […]
मेरी तन्हाई में दिल की बात होने दो! मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो! सरहदें पिघल रहीं हैं तेरी यादों की, हसरतों से मेरी मुलाकात होने दो! Composed by #Mahadev
आज़ादी के जश्न बहुत पहले भी तो तुमने देखे माँ के दिल से बहते वो आंसू भी क्या तुमने देखे, भूखे बच्चे लुटती अस्मत व्यभचारी ये व्यवस्था है क्या सच में हो गए वो पुरे […]
सभी प्यारे मित्रों को शुभ सांय….. निष्ठुर मेघ….. काजल से कजरारे बदरा. थोड़े से बरसे , सब जड़ चेतन ,प्यासी धरती, प्यासे मन तरसे । कितने ढोल नगाड़े पीटे , निज अगवानी के । मोर […]
तिरंगा बस झण्डा नहीं हम सब का सम्मान है। तिरंगा कोई कपडा नहीं पूरा हिन्दुस्तान है।। तिरंगा कोई धर्म नहीं सब धर्मों की जान है। तिरंगा बस आज नहीं पुरखों की पहचान है।। तिरंगा बस […]
Mohabbat se bhare har dil ki dhadkan mein ye tadpan kyu hoti hai Dhadkta ek dil mera ye do dhadkan kyu hoti hai Ye hai iklass roohe pak, Ye dil hai tera asir Isse uftaad […]
बूँद बनी तेजाब कण बना अंगार ध्वनी शूल बनी वायू बनी आग इलेक्ट्रोंनिक्स के महीन कटीले झाड़ वाहनों,फेक्ट्रीयों के धुँये का जंजाल भूमी में रिसते दूषित पदार्थ तरकारी,फल,फसल,दूध में डले जहरीले पदार्थ ओजोन परत में […]
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