कूटनीति… राजनीति वट वृक्छ दबा है घात क़ुरीति की झाड़ी मे धूप-पुनीति को अम्बु-सुनीति को तरसे आँगन-बाड़ी ये कूटनीति सा कोई चोचला मध्य हमारे क्युं आया ये चिन्तन भी त्यागा हमने ह्रदय से इसको अपनाया […]
कूटनीति… राजनीति वट वृक्छ दबा है घात क़ुरीति की झाड़ी मे धूप-पुनीति को अम्बु-सुनीति को तरसे आँगन-बाड़ी ये कूटनीति सा कोई चोचला मध्य हमारे क्युं आया ये चिन्तन भी त्यागा हमने ह्रदय से इसको अपनाया […]
???????? ————————- प्रतिभाओं का धनी ————————— सत्य-बोध के मूल-बीज को प्रकृति ने स्वयं निखारा है प्रतिभाओं का धनी आदि से भारत-वर्ष हमारा है श्वर-व्यञ्जन को गढ़कर हमने शब्द, वाक्य मे ढ़ाल दिया मन […]
चाँद कि चांदनी को अपने आँगन में उतरने का , न्योता दे आऊं मै . दरवाजा खोल कर खिड़कियाँ बंद कर दी है मैंने, कहीं एसा ना हो दरवाजे से आकर , खिडकियों से निकल […]
Meri saso ko teri saso se iskadar mohobat ho gayi Dil ko bhi pta Na chala use dhadakne k liye Kab teri jarurat si hogyiii By RLv gahlot
Chand ki Roshni mai chamakte hai jugnu Tere dil ki gahrahiyo se mai Kaise niklu Chand ki Chandni mai kahi gum ho gya hai andhera Teri yado mai dekhu mai apna savera By RLv gahlot
अपनी जो आज़ादी थी, मानो सदियों के सर्द पर, इक नज़र धुप ने ताकी थी। ‘पर’ से तंत्र, ‘स्व’ ने पायी थी, पर ‘संकीर्ण-स्व’ से आजादी बाकी थी। अफ़सोस…! ये हो न सका, और अफ़सोस […]
रोकर खुद वो दूसरों को हंसाता है, देखो वो जोकर कैसे अपना किरदार निभाता है, सहज नहीं होता होगा यूँ, अपने दर्द छुपाना, कितना मुश्किल होता होगा ये किरदार निभाना, हरगिज़ नहीं है ऐसा के […]
सुख-दुख के अफसाने का, ये राज है सदा मुस्कुराने का, ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं, ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का, जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का, ना जानें […]
Sone ka Bharat,mera Chandi ka Gujarat Hai -2 Tajmahal Dekhke,Lalkila Dekhke Dushman bhi Hairan Hai -2 Sone ka Bharat… Gandhi ka jawab Nahi,Nehruji Lajwab Hai-2 Modi Ko Dekhke,Kejriwal Ko Dekhke,mushraf Bhi Hairan Hai -2 Sone ka Bharat… Sachin ka jawab Nahi,Viru Bhi Lajwab Hai-2 Dhoni Ko Dekhke Kohli Ko Dekhke Watson Bhi Hairan Hai-2 Sone ka Bharat… Bacchan ka jawab Nahi,Dharmendra bhi Lajwab Hai-2 Priyanka Ko Dekhke,Aaliya Ko Dekhke,Hollywood Hairan Hai-2 Sone ka Bharat… Sonu ka jawab Nahi Himesh […]
वक्त की परीक्षा में पास तुम्हें होना है हर पल हँसते रहना कभी नहीं रोना है। कोशिश मे कोई कसर कभी भी नहीं छोड़ो आगे जो कुछ होना वो सब तो होना है । निरंतर […]
जीवन चक्र के बनते बिखरते क्रम में, कितने पल हम मिल-बाँट जीए, कुछ छिछले बर्तन सम, द्रवित पल न थाम सके, कितने मोती सम पल, समय की धार में फिसल गए, कितनी रातें सहमी -सहमी, […]
रात भर करवटें मैं बदलता रहा अँधेरो में खुद को छलता रहा टूटा नहीं जमाने की चोट से साँसों की तपिश से पिघलता रहा ताल्लुक नहीं था जिनसे मेरा उनको भी ताउम्र सहता रहा दिल […]
बहाई थीं बचपन में जो कश्तियाँ सारी, आज समन्दर में जाकर वो जहाज हो गई है, चलाई थीं सड़कों पर जो फिरकियाँ सारी, आज समय के बदलाव में गुमराह हो गई हैं, बनायी थीं रेत […]
मेरी तन्हाई में दिल की बात होने दो! मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो! सरहदें पिघल रहीं हैं तेरी यादों की, हसरतों से मेरी मुलाकात होने दो! Composed by #Mahadev
आज़ादी के जश्न बहुत पहले भी तो तुमने देखे माँ के दिल से बहते वो आंसू भी क्या तुमने देखे, भूखे बच्चे लुटती अस्मत व्यभचारी ये व्यवस्था है क्या सच में हो गए वो पुरे […]
सभी प्यारे मित्रों को शुभ सांय….. निष्ठुर मेघ….. काजल से कजरारे बदरा. थोड़े से बरसे , सब जड़ चेतन ,प्यासी धरती, प्यासे मन तरसे । कितने ढोल नगाड़े पीटे , निज अगवानी के । मोर […]
तिरंगा बस झण्डा नहीं हम सब का सम्मान है। तिरंगा कोई कपडा नहीं पूरा हिन्दुस्तान है।। तिरंगा कोई धर्म नहीं सब धर्मों की जान है। तिरंगा बस आज नहीं पुरखों की पहचान है।। तिरंगा बस […]
Mohabbat se bhare har dil ki dhadkan mein ye tadpan kyu hoti hai Dhadkta ek dil mera ye do dhadkan kyu hoti hai Ye hai iklass roohe pak, Ye dil hai tera asir Isse uftaad […]
बूँद बनी तेजाब कण बना अंगार ध्वनी शूल बनी वायू बनी आग इलेक्ट्रोंनिक्स के महीन कटीले झाड़ वाहनों,फेक्ट्रीयों के धुँये का जंजाल भूमी में रिसते दूषित पदार्थ तरकारी,फल,फसल,दूध में डले जहरीले पदार्थ ओजोन परत में […]
इस कलि को मुस्कुराने दो कोख से धरती की गोद में आने दो बिखेर देगी चारोंतरफ खुशियाँ खुल के तो इसे मुस्कुराने दो। बेटी को घरस में आने दो।>2 रोपित करो इसे अपने आँगन में […]
मंदिर में पानी भरती वह बच्ची चूल्हे चौके में छुकती छुटकी भट्टी में रोटी सा तपता रामू ढावे पर चाय-चाय की आवाज लगाता गुमशुदा श्यामू रिक्से पर बेबसी का बोझ ढोता चवन्नी फैक्ट्रीयों की खड़खड़ […]
।। माँ ।। वो दूर गया है परसों से माँ सोई नहीं है बरसों से माँ की आँखों से ही तो घर-घर में उजाला है। ए वक्त,ए हवा,ए फिज़ा जरा संभल मुझे कम न समझ […]
बहुत बहुत प्यारे मित्रो सुहानी शाम का आत्मीय अभिवादन। “घनश्याम का दीदार” सुहानी शाम को घनश्याम का, दीदार हो जाये, ये प्यासा मन, कन्हैया के, गले का हार हो जाये । मधुर मुरली की रसबँती […]
इतना तो बोझिल कभी हुआ नहीं मै. मुकाम तो बहुत आए, बहुतो ने रोका भी, पर इतना तो कभी रुका नहीं मै . कुदरत तो हमेशा रुलाती आ रही है मुझको, पर इतना तो कभी […]
जला दो इतने दीपक ज़माने में, के किसी कोने में अब रात की कोई स्याही ना दिखे, दिखा दो सच के आईने ज़माने को ऐसे, के किसी को झूठे चेहरों की कोई परछाई ना दिखे, […]
तू कुछ बोले तो मैं सुन लू ख्वाब दिलों के सारे मैं खुद ही बुन लू
हर सुबह उठकर भागता हूं, मैं सब के लिए सुख कमाने, हर शाम घर लौट आता हूं, मैं सबका हिसाब चुकाने, बिता दिये हैं अनगिनत दिन मैंने और बे-हिसाब ये रातें मगर मुक्त नहीं हुआ […]
माँ की गोद छोड़, माँ के लिए ही वो लड़ते हैं, वो हर पल हर लम्हां चिरागों से कहीं जलते हैं, भेज कर पैगाम वो हवाओं के ज़रिये, धड़कनें वो अपनी माँ की सुनते हैं, […]
(पहचान) मैं कभी तेरे होटों की मुस्कान हूँ तो कभी तेरी साँसों की पहचान हूँ तेरे दिल में गूँजती घंटियों का शोर तो कभी शाम को मस्जिद की आज़ान हूँ मेरी खुशबू है तेरे हर […]
Hisse ka ye ek kissa hai Hisse ka kissa kehti hun Kyu aadmi ne har jaree jaree ke hisse kar diye Kyu shehar bate kyu gao bate kyu dhara ke hisse kar diye Us maula […]
कविता सुन्दर सुन्दर सपने अपने, सुन्दर अपना हिन्दुस्तान है। जहां बहती नदिया झरने, करती दुनिया गुणगान है। सुन्दर सुन्दर – – – – कर्म धर्म की ये है भूमि, यहां जन्में सीता राम हैं दुनिया […]
जाति धर्म देखे बिना, देशद्रोहियों को अपने हाथों से मिटाना होगा नई पीढ़ी को अभिमन्यु सा, गर्भ में देशभक्ति का पाठ पढ़ाना होगा तुम्हें व्यक्तिवाद छोड़कर राष्ट्रवाद अपनाना होगा हर व्यक्ति में भारतीय होने का […]
Jab aakh khuli duniya mein to bahut sa pyar panne ki khwahishein thi Aas pass dekha to jamane bhar ki aazmayishein thi Aurat ban ke mai is duniya mein kya aa gayi Jamane ne har […]
कदम हैं अब भी हरकत में कहीं ठहरा नहीं हूं मैं, यक़ीनन टूट चुका हूं मगर बिखरा नहीं हूं मैं l अभी भी आईने में खुद को अक्सर ढूढ लेता हूं, सुनो ऐ गर्दिश-ए-हालात बस […]
*एक विदाई गीत* हरे हरे कांच की चूड़ी पहन के, दुल्हन पी के संग चली है । पलकों में भर कर के आंसू, बेटी पिता से गले मिली है । फूट – फूट के बिलख […]
सच के समन्दर में झूठ की कश्तियाँ डूबती नज़र आती हैं, जहाँ तलक नज़र जाती है बस सच की कश्तियाँ नज़र आती हैं, बढ़ते झूठ के सुनामी हैं कई सच की बस्तियाँ गिराने को, मगर […]
बीत गया सुकूँ का बादल अब शिकन का मौसम आया है, जो लगता था आशियाना अपना सा कभी, आज उड़ कर आये गैर परिंदों का घर लगता है, बनाये थे शिद्दत से अपने जो घोंसले […]
तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता! तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता! मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी, दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता! Composed by महादेव
पुरानी डायरियों से- **मैं तुमको भूल जाऊंगा** मेरी आंखों को ढलने दो मैं तुमको भूल जाऊंगा, मेरी सांसें निकलने दो मैं तुमको भूल जाऊंगा l जमीं है एक मुद्दत से ज़ेहन में बर्फ यादों की, […]
आज दिल में छुपे हर राज़ लिखने बैठा हूँ, तुझको अपने ख़्वाबों किस्सों का सरताज लिखने बैठा हूँ, एतराज़ हो कोई तो मुझसे खुल कर कह देना, आज खामोशी को भी तेरी आवाज लिखने बैठा […]
जब भी मै अकेलेपन का बोझ, महसूस करता हूँ दिल पर अपने तो कलम खुद ब खुद बन कर साथी हाथ में मेरे आ जाती है, और वो बोझ उतर कर दिल पर से , […]
जब श्रीमतीजी अफसर बनी तो , हमारी ख़ुशी हो गई दो गुनी , हमने सोचा इसके दो दो लाभ होंगे, एक तो बढेगा रुवाब हमारा, दूसरा तंगी में चल रहे हाथ भी ढीले होंगे. लेकिन […]
Kinaro Par Sagar Ke Khazane Nahi Aate Phir Jivan Me Dost Purane Nahi Aate Jee Lo In Palon Ko Has Ke Janaab Fir Laut Ke Dosti Ke Zamane Nahi Aate – Poorvi
आओ, मुझमें नहाओ, डूबकी लगाओ प्यार का सौंधा पानी हाथों में भर कर ले जाओ। आओ, जी भर कर गोता लगाओ, मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ जेबों में भर कर ले जाओ। दोस्ती का दरिया गहरा है, […]
लाखों की भीड़ में भी तेरे कदमों की आवाज़ पहचान लेता हूँ, मैं तेरी खामोश आँखों में छुपा हर दर्द पहचान लेता हूँ, यूँ तो भटक भी जाऊ किसी मोड़ मगर, मैं बन्द आखो में […]
पर्यावरण को बचाना हमारा ध्येय हो सबके पास इसके लिए समय हो पर्यावरण अगर नहीं रहेगा सुरक्षित हो जायेगा सबकुछ दूषित भले ही आप पेड़ लगाये एक पूरी तरह करे उसकी देखरेख सौर उर्जा का […]
पुरानी डायरियों से- **अब बात मेरी जान पे है::गज़ल** जेहन में दर्द जो उठता है आसमान पे है, बात ये है कि अब बात मेरी जान पे है l खौफ़ लगता है कि सांसें ना […]
चढ़ना सीख लो “राही” ऊँची चोटी पर, मगर उतरने का हुनर भी याद रखना, बनते हैं तो बन जाए दुश्मन दोस्त पुराने, मगर दोस्ती की तुम हर मोड़ पर मिसाल बनाये रखना, करेंगे तोड़ने की […]
तन्हाई के आलम में जब भीड़ से हट कर देखा, सोंच का समन्दर कितना गहरा है ये अनुभव कर देखा, चलते ही जाओ राहों पर ये जरूरी नहीं, दो पल रुका और ठहरकर एहसास कर […]
अक्सर अँधेरे में फंस कर ही रौशनी का एह्साह होता है, एक छोटा सा दीपक ही अँधेरे को मिटाने को पर्याप्त होता है, यूँ तो नज़र नहीं आती अँधेरे में खामियां किसी की, मगर ज़रा […]
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