तेरी सुबह बङी निराली है.. तेरी शाम मधुर सुहानी हैं.. एे जानो जिगर से प्यारे वतन.. तेरे वैभव की अमर कहानी हैं वन्दे मातरम् वन्दे मातरम् वन्दे मातरम् है चरण पखावत सिंधु तेरे मस्तक पर […]

जहाँ हिन्दू मिले जहाँ पर मुसलमान मिले उसे हिन्दूस्तान कहते हैं, जहाँ हर मज़हब को एक सा सम्मान मिले उसे हिन्दूस्तान कहते हैं। कहदो उससे जाकर जहां में हमारे मुल्क से अच्छा कोई मुल्क नहीं, […]

हम भारत मैं एकता की अखंड जोत जलायेंगै बहकावे में किसी के अब न हम आयेंगे दुख और मुश्किलों से अब ना हम घबरायेंगे रोटी एक हो या आधी मिल बांटकर हम खायेंगे अभी प्रेम […]

ना बिलखे भूख से ना कोई बच्चा नंगा रहे ना हो आतंक के साये ना कहीं कोई दंगा रहे मेरे भारत में चहुँ ओर बस प्रेम की गंगा बहे “आदि” का हो अन्त तब उसका […]

कुछ पंक्तिया मित्रो प्रेषित कर रहा हूँ नारी की विरह वेदना और समाज के कुरीतियों के बीच (एक छोटा प्रयास) काव्य सृजन ————————————————- इतना सम्मान सा शोर क्यों है क्यों नहीं मिटता बेइज्जती का दौर […]

https://ritusoni70ritusoni70.wordpress.com/2016/08/12 जीने की लय में, अभी सरगम बाकी है, बारिशो के बाद, इन्द्रधनुषी छटा आती है, चकाचौंध रोशनी न सही, अभी झरोखों से किरण आती है, जिंदगी कहीं न कहीं , अभी बाकी है । […]

????आजादी मुबारक हो???? ???????????? तोते पिंजरे जैसी बोली, खूब बढ़ी आबादी है, पंछी के पर काट दिए है, ये कैसी आजादी है। आजादी ये रूला रही है अब भी भूखे प्यासों को, जाने क्यों ये […]

कृपया राष्ट्र गान धुन में गायें ********************** तन मन धन न्योछावर कर दें तुम पर भारत माता विज्ञान ज्ञान भंडार भरें सब रखें सदा मन चंगा करुणा दया प्रेम रस बरसे नही हो देश में […]

पितरों के तर्पण को जैसे, थाली में खीर जरुरी है, भारत माँ के श्रृंगार को वैसे, ही कश्मीर जरुरी है| चमकी थी जो सत्तावन में, अब वो तलवार जरुरी है, प्यार मोह्हबत बहुत हो गया, […]

किसी अनजान बीहड़ में सुर्ख़ पत्तों से ढंका, एक लम्बा और संकरा रास्ता…. बहुत दूर से आता हुआ शायद अनंत से, खैर! पंहुचता तो होगा ही कहीं। या फिर, चलो देखते हैं आज चलकर .. […]

रोशनी को चीर वही आकृति सहसा निकल गयी दरवाजों के मध्य और कहीं पीछे भी एक परछाई सी फिर खिल उठी कुछ धुंधली चांदनो सी एक घना कोहरा स्वयं को असहज दर्शाता शून्य वहां घर […]

नत मस्तक शीश झुकाए कतारबद्ध खडा हूं मैं लिए लघु हृदय वीरों संग दौड चला घावो की परवाह किए बिना तत्पर हूं कुछ करने को इस देश के लिए मरने को बना लिया है लक्ष्य […]

जितने भी ख़्वाब मेरे झूठ के बहाने निकले, उतने ही सच हकीकत के सिरहाने निकले। जितने दुश्मन मेरे घर के, किनारे थे मौजूद, उतने ही लोग ज़माने में, मेरे दीवाने निकले। ढूढ़ते रहे जिन्हें समन्दर […]

****जकड़ी है****   कुर्बानी से उपजी थी अब तस्वीरों में जकड़ी है, ऐ हिंद! तेरी आज़ादी सौ-सौ जंजीरों में जकड़ी है l     हर मुफलिस की भूख ने इसको अपनी कैद में रख्खा है, […]

शत्-शत् नमन करें उनको , जो राष्ट्र-हित में शहीद हुए। जन-जन रो देता है सुन वे वीर गति को प्राप्त हुए। पुत्र खोने का दर्द भला माता से ज़्यादा कौन सहे! धन्य है वो माँ […]

स्वतंत्रता का नव विहान– गाओ मंगल गान! लहराते ध्वज को देखो- स्वाभिमान भरे मस्तक ऊँचे! याद करो वीरों की कुर्बानी! ज़ुल्म भरे व्यथा की कहानी। चहुदिश अरुण रश्मि छायी- धरती पर स्वर्ण-आभा आई ! बरस […]

आग क्यूं उठती नहीं है…….. वो तो बैठे हैं किलों में, घुट रहे हो तुम बिलों में आग क्यूं उठती नहीं है, आपके मुर्दा दिलों में! जो थे रक्षक, वे ही भक्षक आप केवल मात्र […]

हाथ खाली रह गया है। पास था जो बह गया है।। नाज़ है उनको, महल पर औ शहर ही बह गया है॥ कुछ यहाँ मिलता नहीं है कोइ हमसे कह गया है।। लूटते हैं कैसे […]

हम बेताब बैठे है इश्क़ करने को कोई बेइश्क हो, तो बता देना हम भी तो देखें इश्क़ क्या है और इसका अपना क्या मजा है मैंने सुना है कि इश्क़ दीवाना होता है उम्र […]

माँ तुम राह देखती होगी कि मेरा लाल आयेगा पर सरहद पर जंग इतनी छिड़ी थी कि तेरा लाल नआ पाया वो इतने सारे थे कि माँ तेरा लाल अकेला पड़ गया मैंने एक – […]

मांगे जब भी तब उस बेटी की हर हरमाइश् पूरी हो, ऐ खुदा काबिल बना दे, हर बाप को इतना के उसकी कभी जेब ना ढीली हो, उठा दे उन्गली बेटी जिस तरफ ज़माने में, […]

रात के अँधेरे में जो ख़्वाबों को हकीकत बनाते हैं, वो सुबह के उजालों में अकेले ही खड़े नज़र आते हैं, और जो जागती हुई आँखों में अपने ख्वाब सजाते हैं, वो दुनियाँ की भीड़ […]

ताज़ा गज़ल-   मेरा ये हुक्म है सांसों::Er Anand Sagar Pandey   मेरा ये हुक्म है सांसों कि एहतियात रहे, वो रहे ना रहे ता-उम्र उसकी बात रहे l     वो क़मर हो के […]

ज़िन्दगी मोम सी जलती रही पिघलती रही हर पल इक नया रूप लिए बनती रही बिखरती रही नयी अनुभूति सी हर एक क्षण हर दिशा में एक जिजिविषा संग जिन्दगी बदलती रही निखरती  रही एक […]

स्वर्णिम ओज सिर मुकुट धारणी,विभूषित चन्द्र ललाट पर गुंजन करे ये मधुर कल-कल, केशिक हिमाद्रि सवारकर आभामय है मुखमडंल तेरा, स्नेहपू्र्णिता अतंरमन। अभिवादन माँ भारती, मातृभूमि त्वमेव् नमन।। बेल-लताँए विराजित ऐसे, कल्पित है जैसे कुण्डल […]

हरिरूपम     उठ जाग अलौकिक ये प्रभात, अम्बर में किरणों का प्रकाश, जो भेद सके कोई इनकी जात, तोह करे समुच्चय मानव की बात । विष-व्यंग टीस के सहा चला, मलमार्ग में देह को […]

रुको ए मुसाफ़िर अभी ना जाओ . डस लेगी ये काली अँधेरी रात तुम्हे, सहर तलक ठहर जाओ . दूर है मंजिल तुमसे- राहे अनजान है, डर है कहीं भटक ना जाओ . कहीं एसा […]

घिर-घिर आये मेघा लरज-लरज, घरङ-घरङ खूब गरज-गरज, प्रेम की मानो करते अरज, धरती से मिलने की है अद्भुत गरज। रेशम सी धार चमकीली, नाचती थिरकती अलबेली सी,करती धरती से अठखेली, मानो बचपन की हमजोली । […]

क्या है भारत । एक कल्पना है ये भारत, हरिअर वन-खलिहानो की रहे सूखी जहाँ ये धरती तो उसे भारत नही समझना एक उम्मीद है ये भारत, जो नित् पथ दिखाए जग को बिखरे जो […]

एक पुरानी गज़ल-   **ख्वाबों की फसलें आज भी मैं बोया करता हूं::गज़ल**     हक़ीक़त जान ले कि रात भर मैं रोया करता हूं, बहुत हैं दाग दामन में जिन्हें मैं धोया करता हूं […]

यह हिन्दुस्तान है ……………………………………….. कहना आसान — समझना मुश्किल — सहेजना असंभव फिर भी हमें ये गुमान है गांधी का अरमान है — सपनों का जहान है ————-मेरा देश महान है————– ……………….. क्या, यही ‘वो’ […]

चांद और सूरज हमारा है धरती और आसमान हमारा है कश्मीर और अवध हमारा है हिंदुस्तान हमारा है न कुछ रहा जो तुम्हारा है तोप तलवार गोला बारूद मिसाइल जंखिरा की मात्रा हमपर भारी है […]

अनजानी राहों पर बिन मकसद के मैं चलती हूँ जबसे तुम से जुदा हुई हूँ तनहाईयों में पलती हूँ कब आओगे तुम प्रियवर अब और सहा नहीं जाता है बिन तुम्हारे जीवन मुझसे अब न […]

लेखनी को पुष्प चढ़ाकर भाव ह्रदय से सजाकर ज्ञान का भंडार भरकर प्रेम – अश्रु के साज से आज कुछ ऐसा लिखूॅ गीता लिखूॅ कुरान लिखूॅ वेद लिखूॅ ग्रन्ध लिखूॅ राम लिखूॅ – कृष्ण लिखूॅ […]

एक बार मैं एक फेमस मिठाई की शाॅप में गई चांदीवर्क में लिपटी रंग – बिरंगी चमचमाती मिठाईयां देखकर मेरे मुँह में पानी भर आया जैसे ही मैंने पर्स की तरफ हाथ बढ़ाया मुझे अपनी […]

अनजानी राहों पर बिन मकसद के मैं चलती हूँ जबसे तुम से जुदा हुई हूँ तनहाईयों में पलती हूँ कब आओगे तुम प्रियवर अब और सहा नहीं जाता है बिन तुम्हारे जीवन मुझसे अब न […]

वे प्रेम विवाह रचा रहे थे सपने नये सजा रहे थे लड़की थी पढ़ी – लिखी बढ़िया वेतन पाती थी महीने में 60 – 70 हजार कमाकर लाती थी पर दहेज की बातें उसे तनिक […]

शहीदों को नमन ****** नमन करो उन वीरों को जिनसे से यह देश हमारा है उनके साहस के दम पर महफूज घरों में रहते हैं । उन वीरों के दम से अपनी होली और दिवाली […]

माँ शारदे की इतनी रहमत बरसती है लेखनी भी आपके पास रहने को तरसती है मन के भाव इतने गहरे होते हैं शब्द जैसे माला के मोती पिरोये होते हैं संचालन इतना बखूब होता है […]

यूँ अरमानों की डोली उठ गई प्यासे नैनों की प्यास बढ़ गई जब देखा तुम्हें दूसरे की बांहों में मेरी तो मय्यत उठ गई । क्या जालिम अदा है तेरी कि सब कुछ लुटा दिया […]

पन्द्रह अगस्त की बेला पर रवि का दरवाजा खुलता है, सब ऊपर से मुस्काते हैं पर अंदर से दिल जलता है जब सूखे नयन-समन्दर में सागर की लहरें उठती हैं, जब वीरों की बलिदान कथाएं […]

उन्हें जिताना मुझे अच्छा लगता है प्रथम स्थान वही पाये इसलिए उनसे हार जाना मुझे अच्छा लगता है वे तो मेरे बड़े भय्या हैं उनका सर ऊपर उठाना मुझे अच्छा लगता है उनके नाज़ उठाना […]

चांद और सूरज हमारा है धरती और आसमान हमारा है कश्मीर और अवध हमारा है हिंदुस्तान हमारा है न कुछ रहा जो तुम्हारा है तोप तलवार गोला बारूद मिसाइल जंखिरा की मात्रा हमपर भारी है […]

***†**†*ज्ञान दीप प्रज्ज्वलित करके उजियारा कर दें हर और रोशन हो जाएं सब राहें ऐसा फैला दें आलोक। आतंकवाद बढ़ गया धरा पर । आतंकित है हर प्राणी धरती से अम्बर तक अब तो आतंकवाद […]

आओ मानव धर्म निभाया जाये अंधकार को दूर भगाया क्षजाये तमसो मा ज्योतिर्मय का दीप जलाय जाये साक्षरता अभियान चलाया जाये आओ दिलों से नफरतों का बीज। मिटाया जाये पापी को सत्कर्म सिखाया जाये हर […]