दिन आ रहे मधुमास के
दिन आ रहे मधुमास के
गुनगुनी सी धूप होगी मधुभरी सी सुनहरी
तितलियों से भर गईं क्यारियाँ फुलवारियाँ
अब जलेंगीं अवदमन की थरथराती होलियाँ
Comments
4 responses to “दिन आ रहे मधुमास के”
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beautiful work 🙂
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nice
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वाह
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कलियाँ सियानी मारती रस गंध की पिचकारियाँ
ढपली बजाते मधुप चंचल फागुनी उल्लास के |
बहुत अच्छा लिखा है
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