सरल नहीं है ये जीवन, पर कठिन भी नहीं है इसे समझना जिस तुला पर तौलते हो औरों को तुम, किसी दिन उसी तुला पर, स्वयं को भी तौलना कभी जिंदगी का हंसाना, कभी पाली […]

किस तरफ की बात बोलूं कुछ समझ आता नहीं, सत्य क्या है झूठ क्या है कुछ समझ आता नहीं। एकतरफा बात सुनकर धारणा कुछ और थी दूसरे के पक्ष को सुन कुछ समझ आता नहीं। […]

बोया था एक रोज बड़े नाजोअंदाज से प्रेम का बीज’ आज उसमें फल पके हैं मायूसी और बेबसी के बहुत लदा है वो वृक्ष माँ अक्सर कहा करती थी तुम्हारा बोया बीज एक पुष्ट पौधा […]

खुशियाँ तो मन की उथल-पुथल से सीधी जुड़ी हुई हैं, मन में यदि संतुष्टि है तब हम जरा सी बात पर खुश हो सकते हैं, मजे में रह सकते हैं। मगर मन अनियंत्रित है, और […]

निकलूं कब बाहर मैं घर से हरदम बैठा रहता मौसम के डर से एक साल में बारह महीने चार महीने गिरे पसीने फिर सोचूं मैं निकलूं बनके तब होती बरसात जमके आठ महीने यूं ही […]

,,,,,,,मैरी हजारो बातें हजारो लोगो के बीच यू गूम हो सी जाती है, मेरी वही अनकही सी बातें जुबां पर आते आते ना जाने क्यू थम सी जाती है,, मैरी इस चुप्पी को लोग खामोशी […]

खूबरसूरत जिन्दगी आपके कारण ही है, आप हैं, तब है सभी कुछ जिन्दगी में रंग है। आप इस सूखी धरा में प्रेम की बरसात हैं, और क्या अवलम्ब खोजूँ आपका जब संग है। हों भले […]

मुहब्बत पवित्र है पवित्र से भी पवित्र है, अनुपमेय है, वह बंट नहीं सकती, सच्ची की मुहब्बत कभी घट नहीं सकती। न दिखावा इसमें न औपचारिकता, मुहब्बत देखती है बस वास्तविकता। मुहब्बत जीवनोदक है इसका […]

चाहती हूँ एक कविता लिखना मगर नाकाम हो जाती हूँ विषय चुनने के लिए छटपटाती हूँ शब्द कुछ ऐसे हों भावनायें मेरी व्यक्त करें और कह दें वह जो मैं कह नहीं पाती हूँ निरर्थक […]

मुश्किल बहुत है खुशियों की तिजोरी भरना दुःख की गगरी भरने में दो पल नहीं लगते झूम जाता है मन जब कोई अपना कह देता है… अपनेपन के लिए तरसता रहता है जीवन नये सिक्के […]

मुझे लिख लो कहीं निकलने लगी हूँ तुम्हारी स्मृति से… खयालातों की दुनिया से बेदखल होने लगी हूँ मुझे छुपा लो कहीं… तुम जवाब दो हमको हम जवाब दें तुमको बातचीत का सिलसिला नजरों से […]

लरजती लौ चरागों की यही संदेश देती है अर्पण चाहत बन जाये तो मन अभिलाषी होता है बदलते चेहरे की फितरत से क्यों हैरान है कैमरा जग में कोई नहीं ऐसा जो न गुमराह होता […]

गज़ल ****************** सुना तुमने नहीं हमको, सुना हमने नहीं तुमको मगर महसूस करते थे हर एहसास में तुमको जुनून था तुमको हरगिज यार! औरों की मोहब्बत का, सब कुछ जानते थे हम मगर रोंका नहीं […]

सर्द मौसम में, अश्क भी जम गए अल्फाज उनके सुनकर, मेरे हर पल थम गए शून्य में घूमने लगा, मेरा वजूद सारा ज़रा सी धूप लगी तो, नैन हमारे नम गए अजीब था उनका अलविदा […]

पत्थर में डाल प्राण सेतु हम बनायेंगे माझी हैं मजधार के पार ही हो जायेगे ना रुकेंगे हम कभी आगे बढ़ते ही जायेगे सूर्य की आँखों से आँख हम मिलायेगे और चल पड़ेगे हम पवन […]

लिखकर अपने मन की पीर बोझ करूं मैं हल्का रोकर मिलता बड़ा सुकून लगता दिल को अच्छा आँसू से सींचू मैं जख्म हरे-भरे लहूलुहान हुए लेप लगाकर वही जख्म मेरे प्राणाधार हुए गटक लिए जो […]

राधा ने सिर पर धर मटकी बैठी छांव तले वट की जोह रही है श्याम को अखियां दिन बीता अब बीती रतियां श्याम बिना निष्प्राण है गैया देख रही सुध खोकर मैया क्यों निष्ठुर तू […]

कुदरत का अनमोल रत्न ******************** कुदरत का अनमोल रत्न है ये जीवन जब हों फूल से रिश्ते तो महकता है जीवन अगर हों बेनाम से रिश्ते तो सुगंध ही दुर्गंध बन जाती है फिर बोझिल- […]

मुझे लिखना कैसे आया ? अक्सर ये सवाल कर बैठते हैं लोग मैं कवियित्री क्यों बनी यही जानना चाहते हैं लोग पर कोई ये क्यों नहीं समझता ये कुदरत का वरदान नहीं मानवता का दिया […]

आँसू बहाते रहे हम रातभर इन्तजार करते रहे कोई आकर पोंछेगा ! कोई हाल तक पूंछने नहीं आया सिस्कियां कमरे के बाहर तक जाती रहीं तड़पकर चीख भी निकलती रही पर अनदेखा ही कर दिया […]

वो किसी की बातों में आने लगे हैं, तभी तो हमसे कतराने लगे हैं मोहब्बत दिख रही है उनकी आंखों में लेकिन, ना जाने क्यूं नज़रें चुराने लगे हैं लौट जाते हैं हमारे दर तक […]

कोई यहाँ आया नहीं गीत भी गाया नहीं फिर मधुर सी गुनगुनाहट कान में कैसे बजी। क्या पवन संदेश लाई भूतकालिक प्रेम का या किसी शैतान भँवरे की है यह मुझ पर ठिठोली। पर लगा […]

बीते कल की नहीं कहानी तुम चलती साँसों में बसा आज हो तुम प्यार की, दिल्लगी की बात नहीं इससे बढ़कर रहे हो नाज हो तुम। अहमियत क्या बताएँ, कैसी है तन में धड़कन है […]

बिटिया हुयी परायी ************* ना तुम भूलोगे ना हम हाँ, यह बंधन छूटे ना, मरते दम। यह पावन वेला, अश्रुओं की इसमें जगह नहीं नवरंग भरेंगे इसमें, निराशाओं की ठौर नहीं हंसकर कर पदार्पण, दूर […]

पतिदेव हर जगह, शान दिखाया करते थे “मैं कुछ सालों से, गीता के उपदेश पर चल रहा हूं” यह सब को बताया करते थे लोग भी उनके आगे, नतमस्तक हो जाया करते थे फ़िर एक […]

प्यार के हजारों रंग देखे मगर उन सभी रंगों में आत्मीयता का अभाव ही मिलता है लौटकर फिर तुम्हारे पास आ जाती हूँ फिर से उलझ जाती हूँ मैं बातों के जंजाल में, दुनिया के […]

समकालीन कविता के जाने-माने नाम थे वह, हिंदी कविता की शान थे वह। राजनीतिक चेतना व मानवता की सुरम्य आभा से सरोबार थे वह, ‘पहाड़ पर लालटेन’ सी चमकती पहचान थे वह। संघर्ष में जूझती […]

प्यार की बदलती परिभाषा ************************** 5 साल का बेटा बोले, मम्मी आई लव यू, मम्मी भी उत्तर में बोले बेटा, लव यू टू…… 15 साल का बेटा बोले, मम्मी आई लव यू, मम्मी बोली, बेटा […]

१० दिसम्बर १९४८ ई० को संयुक्त राष्ट्र सभा ने संयुक्त रुप से मानवाधिकारों की घोषणा को अंगीकृत किया गया… जिसमें प्रस्तावना और ३० अनुच्छेद हैं प्रस्तावना में कहा गया:- हर मनुष्य को समानता एवं स्वतंत्रता […]

ठंड बढ़ती जा रही है वह सिकुड़ता जा रहा है रात भर सिकुड़ा हुआ तन अकड़ता जा रहा है। सिर व पैरों को मिलाकर गोल बन सोने लगा, नींद फिर भी दूर ही थी क्या […]

मस्तमौला चाल मेरी मैं पुहुप हूँ गांव का आ गया तेरे शहर कंटक समझ मत पांव का। घूमता बेघर फिरा हूँ है मनोरथ छांव का जिंदगी वारिधि सरीखी क्या भरोसा नाव का।

ऐसा नहीं कि हम तेरे करतूतों से अनजान हैं पर शिकायत किससे करें अपनी आदत से हम लाचार हैं । चाहते हैं बदल दे खुद को जवाब दे हर बेअदली का परेशा हैं समझा के […]

श्वेत कागज में कलम घिसता हूँ, इधर-उधर की कहीं कुछ भी नहीं जो है दिल में उसे लिखता हूँ। विजुगुप्सा से दूर रहता हूँ प्रेम के भाव बिकता हूँ। मिट्टी में खेलते बच्चों की सच्ची […]

जो भी लिखता है मन स्वयं के लिए, प्यार-नफरत के भाव खुद के लिए। उसे न जोड़ना कभी भी अपने भावों के लिए अपनी चाहत के लिए। अलग ही रास्ते हैं न कोई वास्ते हैं, […]

वह सोचता है, यदि रूठ जाऊं तो वो मुझे मनाये वो सोचती है रूठने पर वो मुझे मनाये, एक सोचता है दूसरा मुझे मनाये रूठने पर न वो मनाती है न वो मनाता है, रूठना […]

क्यों दोधारी तलवार से हैं लोग… क्यों सच को स्वीकार नहीं कर पाते हम लोग…. जानते हैं कुछ साथ नहीं कुछ जाना फिर भी क्यों जोडने की होड़ में लगे हैं लोग… सब कहते है […]

गीतों में अपने जज्बात लिखा करता था, गीतों में मुझसे बात किया करता था हाथों में लेकर मेरा हाथ, घंटों चलता रहता मेरे साथ वो लड़का मुझे बहुत मोहब्बत किया करता था मैं लिखती थी, […]

चैन से अब सो रहा मन मत जगा अब आग तू, दूर हो जा स्वप्न से भी मत लगा अब आग तू। आग केवल शान्त है। भीतर पड़े हैं कोयले फूंक मत, रहने दे ऐसे […]

मांग की सिन्दूर रेखा ****************** हर सुबह बड़े स्वाभिमान से सजाती हूँ अपनी मांग में लाल सिन्दूर मेरे रूप लावण्य में मैं स्वयं एक वृहद परिवर्तन पाती हूँ…. मांग की सिन्दूर रेखा खूब लम्बी सजाती […]

सुख -दुख जीवन का हिस्सा है, ये तो ज़िन्दगी भर का किस्सा है निराशा का भाव दे सुख की घड़ी, आशा का संचार करें, एक नज़र तारीफ भरी सुख देकर ही सुख मिलता है, दुख […]

ढूंढो मेरा प्रेम पथिक ! जाने कहाँ खो गया है कंकड़ीली-पथरीली राहों में विस्मृत-सा हो गया है उदासीन राहों में राही तुम भी भटक ना जाना मेरा प्रेम मिले जो कहीं उसे मेरी याद दिलाना […]

फूल बोने होंगे परिवेश में अपने खुशबू लुटानी होगी, उल्फत जगानी होगी, नफ़रतों की सारी कड़ियाँ मिटानी होंगी। जो हो सके न अपने जो दूर जा चुके हों कहकर पवन से खुशबू उन तक ले […]