यादों की पोटली तेरी खोल के न देखूंगा, आँखों की कोठरी मैं खोल के न देखूंगा, तू जब समझी नहीं मेरी ज़ुबानी ये कहानी, तो अब खामोशी के एहसासों की कोई टोकरी न देखूंगा।। राही […]

सपने पूरे करने की चाहत होनी चाहिए, खुद हिम्मत करो तो हर रात तैयार है। अरे कोशिश करके तो देखो, कदम बढ़ा कर तो देखो, सफलता की सीढ़ियां तो कब से तैयार हैं।।

कई बार थोडा सा मज़ाक कर लेता हूं, कई बार लोगों को थोड़ा सा परेशान कर देता हूं। इस मस्ती के पीछे का प्यार वह समझ नहीं पाते हैं पता नहीं क्यों फिर भी लोग […]

दर्द तो दुनिया ने बहुत दिए, पर दुनिया वाले भी अपने थे, इसीलिए खुशी-खुशी सह लिए। अपने यारों से उम्मीदें बहुत थी, पर वह भी मुझे‌ समझ न पाए। दुखी तो बहुत था दिल पर […]

कुछ सोच रहा हूं मैं, कुछ खोज रहा हूं मैं। जिंदगी के इन घने जंगलों में, खुशी की कुछं टहनियां ढूंढ रहा हूं मैं। वह हसीन वादियां कहीं खो सी गई हैं, नदियों के किनारों […]

डर अब अँधेरी रातों से नहीं लगता, क्योंकि रातें अपने आगोश में सुला लेती है। डर तो रौशनी की किरणों से लगता है, क्योंकि रौशनी सब कुछ साफ़ साफ़ दिखा देती है।

मैं प्यादा हूँ मुझे प्यादा ही रहने दो, यूँ हाथी और घोड़ों से न भिड़ाओ तुम, मैं तो शतरंज का खिलाड़ी हूँ दोस्त, मुझे सांप सीढ़ी में न उलझाओ तुम।। राही (अंजाना)

खुली आँखों का खुवाब अच्छा नहीं होता बेबसी का रुआब अच्छा नहीं होता जो अपने बन कर भी न बन सके अपने उन पर मोहोब्बत का दवाब अच्छा नहीं होता देव कुमार

कुछ तो बात जरूर रही होगी तुम दोनो के दार्मियां मोहोब्बत का रिश्ता क्यू समझोते पर आ गया मिला हैं तुमको भी वंही उससे बदले में दिल के जो तुमने उसको इस मोहोब्बत में दिया…………..!! […]

जब किसी ने न देखा पलटकर मुझको, तब आइना भी मुझे देखकर मेरे साथ रोया, जब सूख गया मेरे दिल का हर एक कोना, तब समन्दर भी मेरे बिस्तर पर साथ सोया। राही (अंजाना)