इक नज्म है जिंदगीजिसकी इबारतें हम लिखते हैगाते है, गुनगुनाते हैकई दफ़ा भूल भी जाते हैयाद करने, भूलने मेंलिखने औ मिटाने मेंये कारवां ए जिंदगी चले  

बहुत दिन हो गए उसके ख्यालो की आंधी में बसे हुए,, चलो आज उसकी एक तस्वीर बनाते हैं,,   उसकी अल-कायदा सी आँखे हैं,, जो बस मार ही डालती हैं,, उसकी बुलडोज़र सी बाते हैं,, […]

Saavan  ये कारवां चले तो, हम भी चलेंये शम्मा जले तो, हम भी जलेंखाक करके हर पुरानी ख्वाहिश कोइक नया कदम, हम भी चलें……   कभी ठहरी सी लगती है,कभी बहती चली जाती हैजिंदगी है […]

तुम अपने हाथों क़ी मेहंदी मेंमेरा नाम लिखती थी औरमैं अपनी नज्मों में तुम्हे पुकारता था   लेकिन मोहब्बत की बातें अक्सर किताबी होती हैंजिनके अक्षरवक़्त की आग में जल जाते हैंकिस्मत के दरिया में […]

हाथ से मेरे कुछ लकीरें फिसल गई, पलक झपकी ना थी कि… पानी की कुछ बुँदे निकल  गई, एक झपकी मे ही सबकुछ बदल गया, लाश तो एक गिरी थी … पर इंसान हर एक बदल गया, कुछ पलों मे ख्वाबो को छोड़ दिल जम गया, मन मे है बस एक ही सवाल – “क्यों वो शख्स बिछड़ गया “? क्यों वो शख्स बिछड़ गया “? -सचिन चौधरी (सनसनवाल)

मैं क्यों सोचु वो मेरे बारे में क्या सोचेगी, मुझे अच्छा लगता हैं उसे रोज सुबह सुबह गुड मोर्निंग विश करना,, जानता हूँ कोई रिप्लाई नहीं आएगा फिर भी उसके मैसेज का इन्तजार करना ,,, […]

तुम्हारे अक्स से दुनिया है रोशन , सुना है चाँद की तू चांदनी है . सलीका प्रेम में अब क्या करेगा , नज़र को अब के माफ़ी मिल चुकी है . ज़रा अब दर्द से […]

October 17: Anti Poverty Day सर्दी में नंगे पांव कूड़ा बटोरते बच्चे ठिठुरता बचपन उनका सिकुडी हुई नन्ही काया टाट के थैले की तरह   उनके रूदन का क्या जिक्र करू मैं लफ़्जों के कुछ […]

तुम्हारी चाह ही मंज़िल हमारी ए मेरे साकी,ज़रा अब तो पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी.मेरे साकी तेरे आँखों की मदिरा क्या बताऊँ मैं,फ़क़त आँखों से चढ़ती है ,मगर दिल तक उतरती […]

पलकों पर आंसू रहते हैदिल में जज्बात रहते हैकलम है जो कुछ कुछ लिख देती हैवरना होठ तो हमेशा खामोश रहते है आंखो मे आसमां रहते हैपांव बादलों पर रहते हैलेकिन चंद लम्हों के लिये […]

आज गलियां कुछ सूनी सी है , पथिक कम जाते हैं. गलियों के नुक्कड़ पर बैठा मैं कुछ सोचता हूँ . पर क्या क्या जीवन भी पथिक है , कभी रुकता कभी चलता है लेकिन […]

आज की शाम शमा से बाते कर लूंउससे चेहरे को अपनी आखों में भर लूं फासले है क्यों उसके मेरे दरम्याचलकर कुछ कदम कम ये फासले कर लूं प्यार करना उनसे मेरी भूल थी अगरतो […]

एक सवाल सा अक्स’ हौले से कुछ बदला है एक क़तरा अभी छलका है बड़ी मुद्दत से पलकों पर था वो आँसू जो ढलका है एक अनकहे किस्से सा हूँ अचानक उठी हिचकी सा हूँ […]

छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या?नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या?मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ?वो मेरा और उसका छुप छुपाना याद आता […]

जब सोचा इक दफ़ा जिन्द्गी के बारे मे किस कदर बसर हुई जिंदगी मेरी क्यों भटकता रहा जिंदगीभर मुसाफ़िर बनकर ज्वालामुखी सा जलता रहा कभी लावे सा पिघलता रहा  आसमां को छुने की आरजू में […]

तेरी आवाज में हम डूब जाते हैतुझसे हम कुछ कह नहीं पाते है हाल ए दिल कैसे करें बयां अपनादिल की हर धडकन में तुझे सजाते है गालिब बना दिया हमें तेरी मोहब्बत नेतनहाइयों में […]

थोड़े हम अमीर थे एक दिल के थोड़े हम गरीब थे एक दिल के थोड़ा मुस्कुराते थे टुकड़ों में थोड़ा गुनगुना लेते थे मुखड़ों में कभी सौदागर थे हंसी के कभी रो लेते थे पीछे मुड़ के कुछ बदनाम हैं दर्द […]

कुछ कमाल की बात है उनकी आवाज में कभी कोयल सी मधुर लगती है कभी बिजली की कडक सी कर्कश तो कभी बूंद बनकर बरसती है मेरे सूखे पडे ह्रदय में कभी बहा कर ले जाती […]

लड़कपन की बात ही कुछ और थी, तब तो मेरी भी आँखों में सपने सुहाने थे ! हाथों में हाथ डाल कर, सीखेगी दुनिया हमसे प्यार करना, कुछ ऐसे वादे हमारे थे! चलता तो रहा […]