रईस

कोई काली कमा के रईस हो जाता है
कोई सबकुछ लुटा के रईस हो जाता है
दुनिया का दस्तूर निराला है
यहां तो दिल का लुटेरा भी रईस हो जाता है|

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

In One Word.....Butterfly!

8 Comments

  1. Sridhar - January 26, 2017, 2:25 pm

    shaandaar

  2. Akanksha Malhotra - January 26, 2017, 3:49 pm

    nice one anjali

  3. Kumar Bunty - February 13, 2017, 12:56 am

    WAAH…. GAZAB

  4. सुरेश - March 11, 2017, 7:23 am

    वाहहह!

  5. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:20 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

Leave a Reply