*कला*

एक ऐसी ज़िन्दगी,
जो किसी कला के साथ,
एकान्त में जीना सिखा दे,
स्वयं के लिए कुछ वक्त देना सिखा दे।
प्रभु ने किया मुझे सम्मानित,
एक ऐसी ही कला से
जिसे लोग प्रभु का उपहार भी कहते हैं,
लिख लेती हूं कुछ शब्द, कुछ वाक्य..
इसी आशा के साथ,
कि कदाचित कभी किसी का कर जाए भला
प्रभु की दी हुई मेरी यह कला।।
____✍️गीता


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4 Comments

  1. Rishi Kumar - January 24, 2021, 12:40 pm

    बहुत सुंदर

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 25, 2021, 8:20 am

    अतिसुंदर भाव

    • Geeta kumari - January 25, 2021, 12:31 pm

      बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी ने 🙏

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