कहानी

फूलों में जैसे लाली
शबनम की प्याली
तितली की उड़ान
जवां इश्क़ ए कव्वाली

घुंगरू की छमछम
बजे कानों में हरदम
तेरी पायल भी बोले
हमसे कुछ कमकम

हंसी बेपना नूरानी
छलके इसकदर जवानी
आओ मिलकर लिखें
अपनी एक अलग कहानी

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7 Comments

  1. Anirudh sethi - September 25, 2016, 12:18 am

    bahut khoob

  2. Priya Bharadwaj - September 25, 2016, 12:27 am

    very nice poetry…घुंगरू की छमछम
    बजे कानों में हरदम
    तेरी पायल भी बोले
    हमसे कुछ कमकम…nice

  3. Puneet Sharma - September 25, 2016, 4:40 pm

    bhut hi badya rachna vijay ji. shubhkamnayein!

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:09 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां

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