खुशी की चाह

इक खुशी की चाह में ,
कितने गमों को गले लगाया हैं,
सुकून तो मिला ही नहीं,
अब दर्द से ही काम चलाया है!


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9 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 5, 2020, 8:03 pm

    वाह वाह

  2. Geeta kumari - August 5, 2020, 8:21 pm

    बहुत ख़ूब..

  3. Anjali Gupta - August 5, 2020, 8:21 pm

    bahut khoob sir

  4. Satish Pandey - August 5, 2020, 10:14 pm

    वाह जी वाह

  5. मोहन सिंह मानुष - August 5, 2020, 10:31 pm

    धन्यवाद 🙏 जी

  6. Pratima chaudhary - September 3, 2020, 8:17 pm

    बहुत सुंदर

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