तुम्हारी याद भी चलकर मिटा लेता अगर थोड़ी…

बुरा क्या था अगर इस दर्द के मै साथ में दिलबर…
तुम्हारी याद भी चलकर मिटा लेता अगर थोड़ी…
दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने…
दवा के साथ में दारू चडा लेता बशर थोड़ी…”
-सोनित


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4 Comments

  1. Udit jindal - June 19, 2016, 11:19 pm

    Behtareen

  2. Sonit Bopche - June 19, 2016, 11:38 pm

    thank you udit bhai 🙂

  3. Simran Kaur - June 20, 2016, 9:24 am

    nice

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 11:07 pm

    वाह बहुत खूब

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