“मैहर वाली माई”

मैहर वाली माई के ,
मनावै के होई |
जागि जागी जगत के ,
देखावै के होई |
दुनिया में माई  को ,
बतावै के होई |
नारियल माला फूल ,
चढ़ावै के होई |
माँ की ममता गितिया ,
सुनावै के होई |
निमिया दरिया पालना ,
झुलावै के होई |
माई के चुनरी ,
चढ़ावै के होई |

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3 Comments

  1. Ritika bansal - August 6, 2016, 11:03 pm

    bahut sundar 🙂

    • Sukhmangal - July 30, 2019, 6:13 am

      Ritika bansal replied जी हार्दिक अभिनंदन

  2. sukhmangal singh - October 1, 2016, 6:25 am

    धन्यवाद !
    “माँ का दूध? ”
    तिमिर को हटाकर ,
    देश को बता रहा |
    माँ का पीया दूध अब,
    देश को दिखा रहा|
    खुद तो गुन-गुना रहा,
    आपको समझा रहा|
    देश है हमारा यहरहा ,
    पी ओ के जमी हमारी रही|

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