रिश्ते

सब रंगो का मेल होते है
दुःख सुख में साथ होते है
बुरे हो या अच्छे
रिश्ते तो रिश्ते होते है

रिश्तो के भी कई नाम होते है
किसी की माता तो किसी के पिता
किसी की जीवनसाथी तो किसी के दोस्त होते है
रिश्ते तो रिश्ते होते है

रिश्तो ने ही हमे जीना सिखाया
उनके कारण ही हमने सब कुछ पाया
उन्होंने ही हर रस्ते पे मदत की
हमारे मंज़िल पहुंचने पर उन्होंने ही जशन बनाया

रिश्ते निभाना ही हमारा पहला धर्म है
यही पहला और यही आखरी कर्म है
मत समझ धन दौलत को रिश्ते से बड़ा
क्युकी ये बहुत बड़ा अधर्म है

अँधेरे में ये दीये होते है
दुसरो के खातिर जीये होते है
डूबी ज़िन्दगी के ये नाव होते है
दुसरो की ख़ुशी में अपनी ख़ुशी देखने वाले
आखिर रिश्ते तो रिश्ते ही होते है
– हिमांशु ओझा

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