12 Comments

  1. बहुत ही सच्ची और मार्मिक कविता , जिन्होंने दादाजी देखे होंगे, उनकी आंखों में आसूं छलक पड़ेंगे।

  2. अपने दादा को याद करती एक प्यारी बच्ची की प्यारी सी कविता…..बहुत ही हृदय स्पर्शी चित्रण।
    आपने सबके बिछड़े दादा जी याद दिलवा दिए…..वो भी श्राद्धों में।

    1. आपकी सराहना हमारी पूँजी है । भाव से जुड़ाव बनाने और सुंदर समीक्षा हेतु आपको हार्दिक धन्यवाद है गीता जी, आपकी समीक्षा हमारा उत्साह है। आपको सादर अभिवादन

  3. अपनों के प्रति प्रेम भावना एवं दादा दादी के प्रति बच्चों की विशेष प्रेम भावना तथा संसार की नश्वरता को प्रकट करती बहुत सुंदर रचना

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