मजदूर

मजदूरों की समस्याओं को
सिर्फ एक ही व्यक्ति ने समझा है
सोनू सूद ने बन फरिश्ता उनको घर पहुंचाया है।

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जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

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