ग़लतफ़हमी

चरखे से अगर आजादी मिलता,
हमें सेना की जरूरत न होता l
चरखे से हिंदुस्तान चलता,
हिन्द मे कोई विशेष ना होता l
न हिंदू मुसलमान होता,
सभी हिंदुस्तानी पूत कहलाता l
न करगिल, न चीन से युद्ध होता,
सही मायने मे भाई – भाई कहलाता l
विश्व क्रम में पहला स्थान होता,
चारो तरफ नमो: नमो:होता l
वीरों की शहादत न होता,
न जालियावाला कांड होता l
चरखे ने साजिस रचा,
हिन्द को बेवकूफ़ बनाया l
पर अब ना चल पाएगा,
निस्वार्थ शहीदों को दिल में बसाएंगे l
शहिदों के आगे श्रद्धा के सुमन बरसाएंगे ll
Rajiv Mahali

Comments

11 responses to “ग़लतफ़हमी”

    1. Rajiv Mahali Avatar

      धन्यवाद्

  1. Praduman Amit

    सुंदर।

  2. Kumar Piyush

    Nice

  3. होता की जगह होती होगा Aapki bhavnaon Ki sarahna karne ke liye mere pass koi Shabd hi nahin hai

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