ग़लतफ़हमी

चरखे से अगर आजादी मिलता,
हमें सेना की जरूरत न होता l
चरखे से हिंदुस्तान चलता,
हिन्द मे कोई विशेष ना होता l
न हिंदू मुसलमान होता,
सभी हिंदुस्तानी पूत कहलाता l
न करगिल, न चीन से युद्ध होता,
सही मायने मे भाई – भाई कहलाता l
विश्व क्रम में पहला स्थान होता,
चारो तरफ नमो: नमो:होता l
वीरों की शहादत न होता,
न जालियावाला कांड होता l
चरखे ने साजिस रचा,
हिन्द को बेवकूफ़ बनाया l
पर अब ना चल पाएगा,
निस्वार्थ शहीदों को दिल में बसाएंगे l
शहिदों के आगे श्रद्धा के सुमन बरसाएंगे ll
Rajiv Mahali

Related Articles

श्रद्धांजलि

चरखे से अगर आजादी मिलता, हमे सेना की जरूरत न होता l चरखे से हिंदुस्तान चलता, हिन्द मे कोई विशेष ना होता l न हिंदू…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

Responses

New Report

Close