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  1. भोजपुरी ग़ज़ल की कमी, आज भी हमारे बीच बहुत ही कम है। रचना बहुत ही सुन्दर है। भोजपुरी ग़ज़ल को हमारे समाज में आज भी अपना स्थान नहीं मिल पाया है।

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