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  1. “कोई मेहनत कर के भी दो रोटी नहीं कमा पाता है
    कोई बिना किये कुछ भी खातों को भरता जाता है।”
    कवि सतीश जी की यह कविता जीवन की सच्चाईयों को बयान करती है ।अपने आस पास बहुत लोग ऐसे होते हैं जो काम मेहनत में भी भरपूर धन पाते हैं,और कुछ लोग बहुत मेहनत करके भी है कम ही कमा पाते हैं।….लेकिन हम सब सुख धन से ही उठा पाएं,ये जरूरी नहीं है

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