उपर चढ़ते , नीचे जाते ईमान खरीदे बेचे जाते ~ ए सी कमरों में बैठ कर क्या क्या नहीं सोचे जाते ~ सियासत का पहला पाठ पाँव कैसे खींचे जाते ~ किरदार पे कैसा भी […]
उपर चढ़ते , नीचे जाते ईमान खरीदे बेचे जाते ~ ए सी कमरों में बैठ कर क्या क्या नहीं सोचे जाते ~ सियासत का पहला पाठ पाँव कैसे खींचे जाते ~ किरदार पे कैसा भी […]
देश के इसी हालात पर तो रोना है, 69 साल हो गए आजादी के फिर भी आँखें भिगोना है, रो रहा कोई रोटी को और किसी के पास सोना-ही-सोना है, देश के इसी हालात पर […]
है जिगर शेरों सा मेरा बाज़ुओं में जान है। दिल में हिंदुस्तान है साँसों में हिंदुस्तान है। देश भक्ती की लहर नस नस में भर दे जो मिरी। सारी दुनिया से निराला मेरा राष्ट्रीय गान […]
न था मित्र कोई सखा मेरा जन्मा था वो बनके दोस्त मेरा। पहली दफा मुस्कुराया वो, मन प्रफुल्लित हुआ था मेर। जैसे गुड़हल के पुष्प से निकली हो एक कली और लुटाई हो उसने सुंदरता […]
एक बार रक्षा-बंधन के त्योहार में, बहन भाई से बोली बड़े प्यार में मेरी रक्षा करना तुम्हारा फ़र्ज़ है क्योंकि तुम पर इस रेशम की डोरी का क़र्ज़ है भाई भी मुस्कुरा कर बोला बहन के सिर पर हाथ रख कर तुम्हारी इज़्ज़त की रक्षा कारूँगा मैं अपनी जान हथेली पर रखकर यह सुना बहन ने तो बोली थोड़ा सा सकुचा कर यह इक्कीसवीं सदी का जमाना है भाई अपनी इज़्ज़त की रक्षा तो मैं खुद कर सकती हूँ मुझे तुम्हारी जान नहीँ पैसा ही नज़राना है भाई अगर बहन की इज़्ज़त चाहिए तो कलर टी. वी मेरे घर पंहुचा देना इस बार तो इतना ही काफ़ी है फिर स्कूटर तैयार रख लेना वी.सी.डी. भी दो तो चलेगा फिर मेरे रूम में ए.सी. भी लगवाना पड़ेगा अगर बहन की इज़्ज़त है प्यारी तो मुझे फ्रिज भी देना स्टोव नहीँ जलता मुझसे इस लिए गैस-चूल्हा भी देना डाइनिंग टेबल, सोफा-सेट,अलमारी वग़ैरह तो छोटा सामान है वह तो खैर तुम दोगे ही […]
मेरी उल्फत़ को अभी कोई नाम न दो! मेरी जिन्द़गी को कोई इल्जाम न दो! बहके हुये इशारों से तड़पाओ न मुझे, सुलगे हुये इरादों की कोई शाम न दो! Composed By #महादेव
**तेरे दर से उठे कदमों को::गज़ल** तेरे दर से उठे कदमों को किस मंज़िल का पता दूंगा मैं, भटक जाऊंगा तेरी राह में और उम्र बिता दूंगा मैं l हां मगर अपने होठों पे तेरा […]
वक़्त की सलाखों के पीछे, यहाँ है कैद हर एक जिंदगी . फिर कौन सुने किसकी कराह, यहाँ है कसक हर एक जिंदगी . फिर कैसे मान लूँ कि है तुम्हारी आँख में आँसू मेरे, […]
भारत मां के अमर पुत्र “चन्द्रशेखर आजाद” की पुण्य तिथि पर मेरी एक तुच्छ सी रचना l रचना का भाव समझने के लिये पूरी रचना पढेl” **आजाद तेरी आज़ादी की अस्मत चौराहों पर लूटी जाती […]
भ्रांति की अविरल धारा बहने दो, जिजीविषा काया की रहने दो, खंडित जीवन की अभिलाषा, जो कुछ शेष है सहने. दो, हाँ, रहने दो,कुंठित मन की कामना, हास-परिहास की भावना, जीवन चक्र की सतत प्रताड़ना, […]
Na thi kisi ki himmat koi aankh na dikhata tha, Ab kaha chali gyi hain humari androoni shakti, Gila sikhwa dur kar prem ka ban chalana hoga, Yahi pegaam hume pahuchana hoga basto basti, Hume […]
पकड़ वारि की धार झूलता है मेरा मन, आओ रे सब मुझे घेर कर गाओ सावन! इन्द्रधनुष के झूले में झूलें मिल सब जन, फिर फिर आए जीवन में सावन मन भावन!
Baadal aaye aur hain barse Log kahte hain sawan aaya Dharti thi tapti Aag thi barasti Jalta thha har ek badan bhi Is sawan ki phuaar ne Kitni raahat di in sab ko Haan priyay […]
Watan hamara misaal mohabat ki, Todta hai deewaar nafrat ki, Meri Khush naseebi, Mili zindagi is chaman mein Bhula na Sake koi iski khushbo saton janam mein. Happy Independence Day! – Yash
चलो ना….. खो जाये दोनो….. उस दुनिया मे …. जहाँ सड़को पर किताबो के किरदार मिलते हो….. जहाँ तस्वीरें बात करती हो…. जहाँ बारिश ना रुके….. जहाँ चाँद बेदाग निकले….. पूरा का पूरा…. जहाँ ठण्ड […]
बीता हुआ जमाना आया है याद मुझे! तेरे दर्द़ का तड़पाता फरियाद़ मुझे! जिन्दगी बेताब है तुमको फिर पाने को, हसरतें बेसब्र हैं करने को बर्बाद मुझे! Composed By #महादेव
***************************** “ कहते हैं ज़माने में सिला; नहीं मिलता मुहब्बत का । हमको तो मुहब्बत ने; इक हसीं दर्द दिया है ॥ “ : अनुपम त्रिपाठी ***************************** मीनकुमारी ! ……….. ये नाम ज़ेहन में आते […]
मेरे ख्वाबों के घर से हर एक रवानी ले जाना, बिछड़ रहे हो मुझसे तो मेरी ये निशानी ले जाना l ले जाना सब ख्वाब- खिलौने, ले जाना तुम बचपन मेरा, और सुनो […]
तेरा जिक्र दर्द का बहाना बन जाता है! मेरे ख्यालों का अफसाना बन जाता है! तेरी आरजू में तड़पती है जिन्द़गी, यादों का दिल में ठिकाना बन जाता है! Composed By #महादेव
खून से मिली आज़ादी हैं , जूनून से मिली आज़ादी हैं , बलिदान से मिली आज़ादी हैं सोचने की आज़ादी हैं , लिखने की आज़ादी हैं , इस देश मैं आज़ादी ही आज़ादी हैं भूल […]
मैं आज़ाद हूँ , तुम लोग मुझे पागल कहोगे , मैं आज़ाद हूँ आपसी घृणा से , आपसी बैर से , मैं आज़ाद हूँ मैं आज़ाद हूँ , धन का मेरा कोई मोल नहीं हैं […]
“मुक्तक” आओ अतीत के हम झरोखो में झांक लें जरा उनके और अपने करम को हम आंक लें जरा | जो मर मिटे वतन पे हमे स्वाधीन करने के लिये आओ शहीदों को हम आज […]
दिनांक-२०-७-२०१६ विधा- गीत संदर्भ- स्वतंत्रता दीवस तर्ज- बहुत प्यार करते है तुझसे सनम… …………………………………………………… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमको हमारी भारत माता की कसम -२ झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमे मातृभूमि अपने प्राणों से प्यारी-२ हम है दुलारे ये है माता हमारी -२ सब कुछ न्योछावर इस पर पाये जनम… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ प्यार में इसके हम लोग दीवाने -२ हंस […]
आज सुबह से मैं, राष्ट्रवादी खोज रहा हूँ। कौन-कौन है देशभक्त ये सोच रहा हूँ॥ सुबह-सुबह किसी ने दरवाजा खटखटाया, देखा तो कन्हैया आया। उसके हाथ में दूध के डिब्बा था। उसके पास अपना ही […]
ना जाने किस भँवर में हूँ इक ठिकाना ढ़ूढ़ता हूँ, जिन्दगी जी लूँ ज़रा सा बस फ़साना ढ़ूढ़ता हूँ, प्यार की कश्ती में लगता डूबता ही जा रहा हूँ, मौत से मिल जाऊँ इक दिन […]
लहू के आसूँ रोना, बमुश्किल समझ आएगा किसी से दिल लगा लो बस तजुर्बा खुद ही मिल जाएगा / जर्रा-ए-ख़ामोशी में है क्या रक्खा यहाँ कोई छुप न पाएगा तलाश-ए-महफ़िल रखो जारी कातिल मिल ही […]
स्वतंत्रता के महा उत्सव को, मिलकर सभी मनाएँ। शहीदों के गुनगान को ,मिलकर हम सब गाएं।। 15 अगस्त राष्ट्र पर्व है, सब जन को बताएँ । अपना ये प्यारा तिरंगा, हर घर में लहराएं।। वीरों […]
मेरी तन्हाई से दिल की बात होने दो! मेरी जिन्द़गी की तन्हा रात होने दो! सरहदें पिघल रही हैं तेरी यादों की, हसऱतों से मेरी मुलाकात होने दो! Composed By #महादेव
बिन मौसम बरसात हो, जब बिन मेघ वज्रपात, होता है तब मन में , पत्र विहिन वृक्ष के , दुुखो. का एहसास । जब निर्विकार मन में , बोता है कोई विकृत बीज, आहत हो […]
कच्ची मिट्टी के हम पुतले, तपे गर जीवन भट्टी में, तो जगतहार बने, जैसे सोना तप भट्टी में , अलंकार. बने , कच्ची मिट्टी के हम पुतले, अपनी. किस्मत आप गढ़े, जैसे बरखा की कोई […]
सफ़र मे अपना गाँव भूल गये है, मोहब्बत वाली छाव भूल गये है महक मिट्टी कि बारिश वाली वो खुशियाँ शिफारिश वाली हम उनसे दुर इतने क्यो है अब इनसे मजबुर इतने क्यु है अब […]
तुम वीर मेरे तुम वीर मेरे हम साथ तेरे मनमीत मेरे जिस पल लगे तुम हार गये समझो उस पल तुम जीते गये आजा के अब अँखिया तरस गई आँखों के आँसू सूख गये तुम […]
चूड़ियाँ पहनी जिन हाथों में, मैं तलवार उठा सकती हूँ। नहीं देश का एक कोना दूँगी, बदले में जां दे सकती हूँ। जिन्होंने मुझे खोटा समझा, उन्हें गर्व करा सकती हूँ। पापा ने समझा खोटा […]
मैंने सपनो को टूटते हुए देखा है मैंने अपनों को रूठते हुए देखा है मेरी क्या औकात है तेरे सामने ऐ जिंदगी मैंने तो अपने आप को हे अपने आप से टूटते हुए देखा है […]
ये गज़ल मैने आस्तिन के सापो के लिये लिखी है जो कश्मीर मे है,अगर सही लिखा हो तो आप सबकी प्रतिक्रिया चाहता हु, ********************************** अपनो को अनजान बना बेैठे हो, जन्नत को शमशान बना बेठे […]
मैं शांति नहीं युद्ध भी नही हूँ मैं रावण नही मैं बुद्ध भी नही हूँ मैं हिंसा भरी तलवार नही हूँ मैं प्रियतम का शृंगार नही हूँ मैं हार की दुखद व्यथा नही हूँ मैं […]
Duniyaa bhar ki khushiya hain Prr,mere hotho pe muskan nhi Naam jitnaa bhi baraa ho mera Tum bin koi pehchaan nhi Tarrapte dil ki aawaz to suno Tumse pyar mangaa hai,ehsaan nhi Sawar jayegi zindgani-tumhe […]
हो सके तो फिर कभी लौट कर आना पलकें बिछाये आज भी मुन्तजिर है तेरा।
मत पूछिएगा मुस्कराने का राज दोस्तों हज़ारो गम हमने दिल में दफ़न कर रख्खे है। किसको सुनाएँ हाल ए दिल अपना हर चोट पर हमने कफ़न रख्खे हैं।
kisi ke jism se lipti thi khwab me ankhen najar gunah me thi or sawab me ankhen hum kab mile unse kahan par bichad gye lagi hui hai ab tak hisaab me ankhen […]
जब घर का परायों का संगी हुआ। क्रोधित तेरा शीश नारंगी हुआ। ये नारंगी नासमझी करवा न दे। गद्दारों की गर्दने कटवा न दे।। साँझ को अम्बर जब श्वेत हुआ। देख लेहराते लंगड़ा उत्साहित हुआ।। […]
स्वतंत्र हैं हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।। सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।। देश रो […]
कैसे कहे कि याद तुम आते नहीं, कैसे कहे कि दिल में हमारे उदासी नहीं. तुम्हारे ही सहारे तो किश्ती छोड़ी है हमने, कैसे कहे तुम हमारे मांझी नहीं. तुम्ही ने खिलाये फूल मेरे ख्वाबो […]
जब मैं छोटी बच्ची थी माँ की प्यारी दुलारी थी माँ तो हमको दूध पिलाती, माँ भी कितनी भोली – भाली । माखन – मिश्री घोल खिलती बड़े मजे से गोद में सुलाती, माँ तो […]
दरिया में बहा दो रंजिश सब अब अमन की कुछ बात हो जाये मेरे देश में खुशहाली हो बस इत्मिनान से मुलाकात हो जाये एक अनोखी ख्वाहिश सी सजी जमीन है फ़ुर्सत से अब माटी […]
एक सुबह असामान्य सी हाँ, क्योंकि उस दिन मैं जल्द जग गया था, मैंने देखा था गुलाब के पत्तों पर शबनमी बूंदों को बेहद आकर्षक, अत्यन्त शीतल, काफी खूबसूरत थीं वो बूंदे, जिन्होंने, एक असामान्य […]
उम्र गुजर जाती है इंसान को समझने में! जिन्दगी थक जाती है जहाँन को समझने में! खो जाती है लहरों में कश्तियाँ इरादों की, डूबता है काफिला तूफान को समझने में! Composed By #महादेव
डूबती नाव अंबर सागर में दूज का चाँद। पिघल-रहा लावा दिल अंदर आँखें क्रेटर । सिसकी हवा उड़ चल रे पंछी नीड़ पराया । यादों के मोती चली पिरोती सुई हार किसे दूँ। आसमान ने […]
सुनहरी सुनहरी सुबह हो रही है कहीं शंख ध्वनियाँ कहीं पर अज़ानें चलीं शीश श्रद्धा चरण में झुकानें प्रभा तारकों की स्वतः खो रही है प्रभाती सुनाते फिरें दल खगों के चतुर्दिक सुगंधित हवाओं के […]
बीते लम्हे मुझे आए याद बारिशों की वो रंगीन बूँदें ख़्वाब में खोई मीठी-सी नींदें दूर तक जुगनुओं की बरातें रातरानी से महकी वो रातें बीते लम्हे मुझे आए याद चाँदनी का छतों पर उतरना […]
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