हौसला निशीथ में व्योम का विस्तार है हौसला विहान में बाल रवि का भास है नाउम्मीदी में है हौसला खिलती हुई एक कली हौसला ही है कुसमय में सुसमय की इकफली हौसला ही है श्रृंगार […]

पास बैठे हो बहुत ही खूबसूरत है नजारा कैद करना चाहता है इन पलों को मन हमारा । जिन्दगी की खुशी सबसे बड़ी तो आप हो आज आई है खुशी जब आप बैठे पास हो। […]

सच्चा सच में रह गया, ठगा ठगा सा आज, आशा चोरी कर गये, अपने धोखेबाज। जिनके मन में जम रहा, काले धन पर नाज, वे भी आज सफेद से, खूब दिखे नाराज। भूखा चूहा रेंगता, […]

पुराने मित्र मेरे! जिंदगी की, हर ख़ुशी तुझको मिले, तेरी खुशियों से निकल कुछ तार मुझ तक भी जुड़े हैं, ठण्ड से सिकुड़े हुए से, बेरहम यादें संजोये, गाँठ बांधी हो किसी ने संवेदनाओं के […]

सच्चा सच में रह गया, ठगा ठगा सा आज। आशा चोरी कर गए, अपने धोखेबाज।। जिनके हृदय में रहा, काले धन पर नाज। वे क्यों ऐसे श्वेत से, आज हुए नाराज।। भूखा चूहा रेंगता, देख […]

खुद को कमतर आंक मत, खुद पर रख विश्वास, दूर रह उन चीजों से, जो देती हों त्रास, जो देती हों त्रास, मार्ग तेरा रोकें जो, उनसे मत कर नेह, तुझे कमतर मानें जो। कहे […]

**हास्य रचना** हिन्दी की परीक्षा थी उस दिन, चिंता से हृदय धड़कता था बूंदा-बांदी भी हो रही थी, रह-रहकर बादल गरजता था। भीगता-भागता विद्यालय पहुंचा, पर्चा हाथों में पकड़ लिया, फ़िर पर्चा पढ़ने बैठ गया, […]

भलाई याद रखो बुराई भूल जाओ डिगो मत सत्यता से भले सौ शूल पाओ। कभी खुशियों के झूले आप भी झूल जाओ, अहो, चिंता की बातें कभी तो भूल जाओ। नजरअंदाज करना कला है सीख […]

तीन छात्र थे केवल कक्षा में। आ बैठ गए तीनों परीक्षा में।। प्रथम श्रेणी में पास किया एक दूजा द्वितीय दर्जे को पाया। तीजा तेतीस फीसदी लाकर तीजे दर्जे तीजे स्थान पे आया।। अफसोस कि […]

डायरी के हर पन्ने पे तेरा नाम लिखती हु   लिखती हु मिटाती हु फिर याद करती हूं लिखते लिखते हर पल भूल जाती ह   इस मोहब्बत में इतनी मसरूफ होती हूं जब भी […]

गज़ल – प्यार की महक | तुम्हारे प्यार की महक अभी बाकी है | दूरिया ही सही तेरी याद अभी बाकी है | रहे जहा बनके चाँद तू चमकता रहेगा | तू पास रहे न […]

गोदामों में अनाज न सड़े बल्कि जरूरतमंद को मिले गरीब के भूखे बच्चों को पेट भरकर खाने को मिले। सरकारी स्कूलों में तगड़े नियम लगें, गरीब के बच्चे भी उच्चस्तरीय पढ़ें। मध्याह्न भोजन योजना तक […]

बेरोजगार की हालत कब सुधरेगी, कैसे सुधरेगी, कब बनेंगी नई नीतियाँ। कब खुलेंगी खूब भर्तियां। कोचिंग कर चुके नौजवान को कब मिलेगा परीक्षा देने का मौका कब चलेगा उनका चूल्हा चौका। परीक्षा कोई पास कर […]

प्रकृति से दूर हो रहा मानव दु:खों से चूर हो रहा मानव, वन प्रकृति की आभा बढ़ाते , शुद्ध पवन दे उम्र बढ़ाते वृक्ष बचाओ वृक्ष लगाओ वरना एक दिन पछताओगे, ना खाने को भोजन […]

नही था कोई एहसास उसके होने का घर मे क्यों क्योंकि वो एक बेटी थी नही थी कोई एहमियत उसकी ओर न थी उसके मुंह मे ज़ुबाम छीन ली थी जन्म से पहले ही उसकी […]

टन- टन टन- टन करते वो फेरीवाला आता था। गदा के जैसे डब्बा अपने काँधे पर ले आता था।। सिर पे टोपी गले में गमछा नाक पे ऐनक बड भाता था। बम्बई मिठाय,,लड़का सब खाय […]

किस्मत से ही मिलती है जगह किसी दोस्त के दिल में, यूं ही तो कोई शख्स, जन्नत का हकदार नहीं होता। अच्छे दोस्त मिलते हैं, अच्छे नसीब से ही, यूं ही तो किसी को किसी […]

चोट दूजे को लगी हो आपको यदि दर्द हो तब समझना आप सचमुच में भले इंसान हो। आजकल सब को है मतलब बस स्वयं के दर्द से औऱ का भी दर्द देखे यह मनुज का […]

दर्द का घमंड चूर करो दर्द में खूब हँसो तोड़ पाये न हौसला अब यह खूब हंसकर कर इसे तुम दूर करो। मुश्किलों से न घबराओ कभी बल्कि आ जाओ जिद में मुश्किलें हार जायें […]

दिया बनकर लड़ो अंधेरे से खुद भी रोशन रहो सभी को रोशनी दो, किसी की जिन्दगी में अगर हों स्याह रातें, आप बनकर सहारा उन्हें भी रोशनी दो। प्रेम ही है उजाला उसे बांटो सभी […]

कविता-भाई खुश हो ————————– भाई खुश हो, आज तुम्हारा जन्मदिन है, मैं तो तुमसे दूर हूं मेरा आशीष तुम्हारे साथ है, प्यार मिले , सत्कार मिले, सम्मान मिले, मिले जगत से – खुशियों का सार […]

नव वर्ष की उमंग सी होती है बेटियां, संगीत की तरंग सी होती है बेटियां मां-बाप के हर दर्द में रोती हैं बेटियां, सागर से निकले मोती सी होती है बेटियां सुमधुर काव्य-गायन सी होती […]

दिनकर आए हैं कई दिनों के बाद, विटामिन डी ले लो। बांट रहे हैं मुफ्त में सौगात, विटामिन डी ले लो। बातें करो धूप संग कुछ देर बैठ कर, किरणों को बैठाओ देकर आसन दिनकर […]

अंधेरी रात में यूँ छोड़कर रूठ कर चल दिये थे तुम अचानक सोचते रह गए हम कि आगे क्या होगा, मगर देखा सुबह तो रोज की ही भांति सूरज उग आया। उड़गनों ने सदा की […]

हार गए इसलिए उदास हो ना खूब निराश हो ना दिल टूट गया है ना उत्साह रूठ गया है ना सब तरफ से हताश हो ना, हाथों में माथा टेककर सोच रहे हो ना क्या […]

ए ठंडी बयार सुनो न कभी मुझसे भी मिल जाया करो घड़ी दो घड़ी मुझसे बात करने आया करो अकेला है दिल मेरा कभी इसको ही बहला जाया करो दर्द से तड़पता है ये कभी […]

खुद पर न कर गरूर इतना   खुदा भी नाराज़ हो जाएगा इबादत है इश्क़ तो रब की   की जो इबादत तो रब भी खुश हो जाएगा बन जाएगा बिगड़ा काम भी   जो […]

वक्त ऐसा है हालात इस तरह के हैं कैसे आगे बढूं यह न सोच मन में। वक्त को बदल ले मेहनत से, न रख स्वयं को गफलत में, कि खुद ब खुद होगा सब कुछ, […]

ओस की बूंद बनकर सूरज के आने पर छुप न जाया करो वरन हिम्मत रखो। रात ही है नहीं तुम्हारे लिए दिवस भी है तुम्हारे लिए मुकाबला कर लो मुकाबला करो हरेक स्थिति से सच्चा […]

लब कहे या न कहे     दिल यही कहता है मेरे दिल मे बस तू ही रहता है दर्द बढे या दर्द घटे      बस दिल यही कहता है इस दर्द में भी तू ही […]

आसाँ   नहीं   समझना  हर  बात आदमी के, कि  हँसने  पे  हो  जाते वारदात आदमी  के। सीने   में  जल रहे है  अगन  दफ़न  दफ़न से , बुझे   हैं  ना   कफ़न  से अलात आदमी   के? ईमां   नहीं   […]

शब्द चाहे सरल हों, या फिर हों जटिल हृदय को करें प्रसन्न तो अर्थ है, वरना सब व्यर्थ है। यदि आपके शब्द, किसी के ह्रदय को करें स्पर्श तो समझो वाणी और कलम में, सरस्वती […]

मुस्कुराहट प्रकृति की सुबह सुबह दिखती है उठो जागो जाग भी जाओ कहती है। साथ में चिड़ियों की चहचहाहट भी संगीत की लय में रहती है।

ईश्वर केवल पूजा से प्रसन्न नहीं होते हैं, वे प्राणिमात्र की सेवा से प्रसन्न हुआ करते हैं। किसी तड़पते राही को गर बिना मदद के छोड़ दिया फिर चाहे कितनी पूजा हो मुँह मोड़ लिया […]

रास्ता हूँ मैं युगों युगों से लोग चलते आये हैं मुझ पर न जाने कितने पदचापों की ध्वनि को मैंने सुना है। न जाने कितनों ने चल कर मुझ पर सपनों को बुना है, लोग […]

निर्भय आगे बढ़ता चल, कोई रोके कोई टोके, किसी की बात से ना जल। किसी को देख कर बढ़ते, अक्सर लोग करते छल। कंटक बिछाने राहों में, कुछ हाथ आएंगे तो कंटक हटाने राहों से, […]

अब सूर्य उत्तरायण में चले गए हैं, अहो! ठंडक अब तो कम हो जा, ठिठुरते हुए बडी मुश्किल से खुद की, जिन्दगी को अब तक रख पाया हूँ बचा। गलतियां जितनी भी हैं पूर्वजन्म की, […]

खिलौना मत समझना किसी धनहीन को तुम मन चले तोड़ दिया मन चले जोड़ लिया। भूख पर वार करके दबाना मत उसे तुम, दिखाकर लोभ-लिप्सा दबाना मत उसे तुम। सरल, कोमल व भोला मुफलिसी का […]

बुलंद वाणी रखो बुलंद सोच रखो न रह किस्मत भरोसे कर्म की ओर बढो। ध्येय ऊँचा ही रखो औऱ दिल साफ रखो त्याग सब हीनता को तेज नजरों में रखो। भले तूफान आयें या पड़े […]

मुक्तक-खाएंगे —————— अब बनाने वाले ही खाएंगे , कोई खाने वाला रहा नही, लगता है, सब दावत मे गए, या घर सब, रुठ के छोड़ गए पर गए कहां यह पता नही, पता होता तो […]

जो मन में है तुम उसे कहो ना न बोलो चुपड़ी सी बात ऐसे दिखावा करके दिलों का नाता बताओ कैसे निभा सकोगे। भरा है नफरत का भाव भीतर अधर हैं बाहर खिले हुए से […]

कविता- कब्र पर आकर ———————- दौड़ रही हूं, इधर उधर, ढूंढ रही हूं, डगर डगर, पूछ रही हूं, नगर नगर, कोई मुझको, पता बता दो, मेरे साजन का, घर बता दो| कहाँ बसे हो मुझे […]

यह दर्द मेरा लिखा है जिसपर नाम तेरा ढूँढे जो कोई हमदर्द बेदर्द में शामिल नाम तेरा। सही अगर तुम हो नाम, गलत होगा किसका धर्म के पथ पर चलने वाले कर्महीन सही होगा नाम […]

धैर्य का दामन टूट रहा प्रभु फिर देखो न किस्मत रूठ रहा। अपना यहाँ है कौन यहाँ तू चुप क्यों बैठे देख रहा। सब्र नहीं अब मुझमें है सोच के मन में हैरत है कैसे […]

कार्य हमारे मन के अनुरूप हो थोङी सी छाया ना सिर्फ धूप हो। हम सही मायने में कार्य उसे ही कहेंगे जिससे कोई सकारात्मक परिणाम का आभास मिलें । हमारे कार्य का एक मकसद हो […]

जब बच्चों में हैं भगवान, फिर क्यों मम्मी पापा खींचे कान क्योंकि कभी-कभी भगवान, शैतानी करने लगते हैं, बन करके नादान शोर मचाते हैं दिनभर, चुप हो जाएं तो है इनका एहसान अपनी मन मर्जी […]

देश में कोरोना से निपटने के टीके आ गए, बेफिक्र हो इनको लगवाया जाए। यह है इतिहास का सबसे वृहद अभियान, इसने भारत के सामर्थ्य को दिलवाया सम्मान। दिलवाया सम्मान, सभी देश तारीफ़ कर रहे, […]