कल्पतरु सी बने कविता, सब के दुख हरे कविता बेरोज़गारों को रोज़गार मिले, बिछुड़ों को उनका प्यार मिले ऐसी सुंदर बने कविता, सुरतरू सी बने कविता शोहरत की चाह हो उसे शोहरत मिले, दौलत की […]
कल्पतरु सी बने कविता, सब के दुख हरे कविता बेरोज़गारों को रोज़गार मिले, बिछुड़ों को उनका प्यार मिले ऐसी सुंदर बने कविता, सुरतरू सी बने कविता शोहरत की चाह हो उसे शोहरत मिले, दौलत की […]
कविता- गालिब ——————- कवि जागो लेखक जागो, जागो जग के शायर सब , रोयेंगे कल यदि आज नहीं जागे हम| प्रकृति हमारा खंडहर हो रहा कल कहाँ से उपमा लायेंगे जब फूल नहीं बागों में, […]
गीत- क्या चाहते हो | दूर जो जाऊ पास बुलाते हो | पास जो आउ नजरे चुराते हो | सच बताओ तुम क्या चाहते हो | मालूम है तुमको तुमसे प्यार है कितना | सागर […]
खुद खुश रहना औऱ सभी को खुश रखना हो जीवन का पथ, याद रखो नश्वर है जीवन मिट जाना है बस इसका सच। तेरा-मेरा मेरा-तेरा कहते-कहते बीते पल-क्षण अंत समय तक समझ न पाया, जीवन […]
हर मन्दिर को पूजा हमने भगवान नहीँ मिल पाया है इस भूल भुलैया सी दुनिया में इन्सान नहीं मिल पाया है || हर व्यक्ति स्वार्थ में डूब रहा मन डूब गया भौतिकता में संवेदनाओं का […]
ज्वाला मेरी क्षीण नहीं मैं खुद को मंद रखा करता हूँ धीमे-धीमे जलता हूँ, खुद में स्वच्छन्द जिया करता हूँ। सच्चे दिल के लोगों को दिल में बैठाया करता हूँ, सच्चे मित्रों की महफ़िल में […]
मन के भीतर तक पहुँच गई, ठंडक की ठंडी हवा अब क्या हो इस ठिठुरन का हल कुछ है क्या इसकी दवा। होती तो मैं खा लेता, सबको उसे खिला देता, जितने भी मौसम होते […]
वो छत क्या अचानक गिर गई गिरी नही ऐसा कहो गिराई गई नींव संवेदनहीनता की रेत लालच की ईंट भ्रष्टाचार की सीमेंट बेईमानी का माया का जाल बिछा मूल्यों को तिजोरी में बंद इंसानियत को […]
बादल घिरे हुये हैं नभ में, गरज रहे हैं आज, बूंदें बरस रही आंगन में, छम छम छम छम बाज। ऐसे में तन पुलकित होकर, भीतर करता नाच, बाहर जाने से डरता है, ठंडक की […]
बचपन में जब मैं रोती थी, तो हंसाते थे मुझे लोग चलते समय जब गिरती थी, तो उठाते थे मुझे लोग अब बड़ी हो गई हूं तो, हंसती हुई को रुलाते हैं चलती हुई को […]
*****हे मनुज***** अपनी मेहनत से जो मिले, उसमें ही तेरा दिल खिले बढ़ते-चढ़ते देख किसी को, कभी नहीं किसी का दिल जले दूजे का हिस्सा ना खाऊं मैं, निज मेहनत का ही पाऊं मैं रहे […]
कविता -पीपल का वृक्ष —————————- जीवन जीने का आधार क्या है, हर धर्मों का सार क्या है, मानव क्या पाता है, जीवन में क्या खोता है| वृक्ष लगाओ संदेश मिला है, रोग मिटेंगे, वैज्ञानिकों ने […]
ठंड की बरसात में घर के भीतर छाता ओढ़कर सोने की मत सोचो दिखावे का रोना रोने की मत सोचो। मुँह चुराकर निकल जाने की मत सोचो। केवल खुद ही खाने की मत सोचो। अपनी […]
दुनिया से कटा कश्मीर, बर्फ़ से अटा कश्मीर मौसम का हुआ पहाड़ों पर कहर कांपा श्रीनगर और कांपा, जम्मू-कश्मीर का हर शहर डल झील जम गई, उसकी रफ्तार थम गई। बद्रीनाथ के पथ पर , […]
सौ वर्ष पुराना मन्दिर टूटा चांदनी चौक में देखो लोगों का दिल टूटा चांदनी चौक में हनुमान जी की पूजा करने आते थे जो भक्तगण देखो उनका मन्दिर जाना छूटा चांदनी चौक में यदि सरकार […]
ठंडी-ठंडी पवन चल रही भीगा-भीगा सा मौसम है, सूर्य-देव ही कृपा करें अब निकला जाता दम है सर्दी है बर्फ़ सी ठंडी मौसम भी कितना नम है, सूर्य-देव से कहूं धूप भेज दें, यहां धूप […]
जय-जय शिव शंकर सर्दी हुई भयंकर जय-जय बम भोले, गिरने लगे हैं ओले आई तेजी से बरखा रानी, झमाझम बरसा पानी सर्दी से कांपे है तन, निकला सा जाता है दम ऐसे मौसम में हाए […]
बिरह भक्ति गीत- मेरे श्याम सावरिया | चुराकर दिल मेरा मुझे दीवाना बना दिया | सुनो मेरे श्याम सावरिया | सुनाकर मीठी बाते मुझे अपना बना दिया | सुनो मेरे श्याम सावरिया | नैनो मे […]
वो जगह छूटी वो लोग छूटे, वो मन की लगी कब के बुझ चुकी, वो चाहत बहुत दूर जा चुकी, वो गलियां अब बेगानी हो चुकी फिर भी नजरें उस ओर पडते ही, आँसू टपक […]
दूजे की भी मदद कर, अपना ही मत देख। ठिठुर रहे जो सड़क पर, उनको भी तो देख। उनको भी तो देख, खिला दे रोटी उनको, पहना दे रे वस्त्र, इतना सक्षम है तू तो। […]
मैं सड़क बेचारी ज्यों अबला नारी। पग पग दलित परम दुखियारी।। हाय मैं सड़क बेचारी काट दिया कोई कहीं पर और बहा दिया पानी घर का। भोजन के दोनें और छिलके सब फेंक रहे मेरे […]
बारिश में भीगते-भागते खिलखिलाते वो दो बच्चे ना सिर पर छतरी, ना तन पर कोई रेनकोट तेज़ हुई बारिश तो, बैठ गए लेकर एक दीवार की ओट चेहरे पर हंसी की फुलझड़ी बालों से टपक […]
एक व्यक्ति का करने गए थे अंतिम संस्कार कच्ची-पक्की बना रखी थी, ढह गई वह दीवार, ढह गई वह दीवार.. बेमौत पच्चीस मरे, यह क्या हो गया अरे ! लालच का ऐसा भी, क्या आलम […]
बारिश की बूंदें पड़ने लगी हैं, ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। सड़कों में बैठे हुए बेघरों की जीवन की साँसें थमने लगी हैं। समाचार पत्रों में छपने लगा है ठंडक से मौतें होने लगी हैं। […]
यदि कोई युवक-युवती चाहें प्रेम विवाह करना तो उनके और परिवार के सुख की खातिर, कभी मना नहीं करना प्रेम-विवाह नहीं होगा तो माता-पिता की मर्जी वाले विवाह में, वह सुख महसूस नहीं होगा स्मृति […]
ये सतरंगी इन्द्रधनुष सात रंग से सज-संवर कर आया अति सुन्दर सतरंगी इन्द्रधनुष बरखा बरसे तब दिखता है, अम्बर में यह इन्द्रधनुष सप्तवर्ण यह इन्द्रधनुष मोहित सी हो गई मैं, उसकी छटा में खो गई […]
योजनाओ!! तुम धरातल तक पहुंच जाओ ना, गांव की सड़कों में खूब गड्ढे हो गए हैं। ऐसे झटके हैं कि बीमार या गर्भावस्था में ये गड्ढे समस्याओं के अड्डे हो गए हैं।
आँखों में खटकती, फ़िर दिल में कैसे रहती जद्दोजहद में गिर गिरकर मैं पग रखती खुद ही खुद से हारी कैसे कहूँ मैं हूँ सहधर्मिणी तुम्हारी । फ़िजाओ के रूख़ -सा मिज़ाज तेरा बदला फिर […]
बेरंग हुआ उसका जीवन, रूप बदलकर स्याह हुआ । लाल रंग से टुटा नाता, दूर सोलहो श्रृंगार हुआ ।। बिछोह हुआ उस प्रीतम से जिससे उसका ब्याह हुआ । जिसने पहनाया था चूङा जिससे शुरू […]
सुखी है आदमी कब जब उसे संतोष है, अन्यथा उलझन है मन में रोष है। जो मिला उस पर नहीं कुछ चैन है, इसलिए यह मन मेरा बेचैन है। गर मेरे मन में भरा संतोष […]
वो मुफ्त में पालक काट दिया करता है सब्जी के साथ मुफ्त में, धनिया मिर्ची भी बांट दिया करता है जेब से, मानो या न मानो वो सब्जी वाला दिल से, बहुत अमीर हुआ करता […]
कुछ दिन बचे हैं पूस के ये भी निकल हीं जाऐंगे। सर्दी है चारों ओर व्यापित कब तक हमें सताऐंगे।। क्या कंबल रजाई कफी है सर्दी भगाने के खातिर। तन मन की गर्मी काफी है […]
हुई है बारिश खूब झमाझम ठंडा-ठंडा हो गया है मौसम मेरे आंगन का एक पौधा है अभी जो थोड़ा सा छोटा पानी ना मिल पाया था उस पौधे को कुछ दिनों से आज बारिश की […]
मुकद्दर में ज़्यादा हम मानते नहीं हैं हाथों की लकीरों को पहचानते नहीं हैं भरोसा है हमें अपनी ही लगन पर बस उसे ही अपना ख़ुदा मानते हैं कभी कहीं हो जाए हमसे चूक कोई […]
इश्क़ और मुश्क में इश्क़ तो सभी जानें और मुश्क ?? इसका क्या अर्थ है मुश्क मतलब है कस्तूरी कस्तूरी हिरण की नाभि में है फिर भी इधर उधर भागे वो कहां से आई है […]
आज एक टूटी हुई चप्पल मिली उसे कूड़े के ढेर में, साथ ही एक पुरानी बनियान मिली। दो रुपये का सिक्का रख गई हाथ में, सड़क पर चलते एक धनवान मिली। खुशी का ठिकाना नहीं […]
न बोलिये बात ऐसी कि डर जायें हम, आपको देखकर चूक कर जायें हम। देखिए लाल आंखों से यूँ मत हमें, जिससे कि सचमुच सिहर जायें हम।
ठंडक की रात है, आसमान साफ है, तारे ठिठुर रहे हैं, लेकिन चाँद छिप गया है या ओढ़ कर सो गया है एक पक्ष के लिए। तारे अकेले रात काट रहे हैं, सुबह का इंतजार […]
यूँ अपने जज़्बात नुमाया क्यों करते हो ! मेरी ख़ातिर अश्क बहाया क्यों करते हो !! क़िस्मत के लिक्खे से मैं भी वाकिफ़ हूँ ! बातों से मुझको बहलाया क्यों करते हो !! जब साथ […]
आपकी बात ऐसे हम समझ न पायेंगे जरा सा खुल के कहो खुल के बता जायेंगे। दिल में तूफान है पर आग अब बुझी सी है, आप चाहो तो उसे और जला लायेंगे। ठंड है […]
रिमझिम-रिमझिम जल बरसा, आ गए काले बादल दिन में छाया घोर अंधेरा नभ में जैसे फैला काजल बादल की आंख से जल बरसा धूप को ये सारा जग तरसा सर्दी के मौसम में और भी […]
आज धूप नहीं है बादल छितरे हैं नील गगन में ठिठुर रहा है जीवन बर्फ भरी है आज पवन में। कैसे उठूँ रजाई से, यह ठंडक मुझे रुलाई दे कुछ गर्मी लाने की बातें अब […]
भूल जाओ बीता साल जो हुआ सो हुआ कुछ नई उम्मीद ले नया साल आ गया| नए रंग भरेंगे जीवन में कुछ नया करेंगे जीवन में खुशियों के थाल सजाएंगे बीती बातें बिसराऐगे हम नई […]
1. हम जमाने से बेहद सताए हुए हैं मगर अपनी इज्जत बचाए हुए हैं मार डालेगा दुश्मन जमाना तेरा इसलिए तुझको दिल में छुपाए हुए हैं भले जुल्म कर ले ये सारा जमाना मगर फिर […]
1. जो कल था वही आज हूं थोड़ा खफा हूं थोड़ा नाराज हूं 2. जिस दिन किस्मत के सितारे बदल जायेंगे देखते ही देखते नजारे बदल जाएंगे नाव क्या चीज है खरीद लेंगे समुंदर बस […]
नववर्ष 2021 की जय श्री राम जय श्री कृष्ण 🙏🙏🚩🕉 और सप्रेम शुभकामनाओं के साथ आपके लिए – अब बीत गया दुख भरा समय फिर नया सवेरा आया है. कोरोना का गम भूल जाओ संदेश […]
हे नव वर्ष ! तुम्हारा स्वागत ना कर पाई मैं ! तुम्हारे आगमन के उपलक्ष्य में हजारों तैयारियां करना चाहती थी पर कर ना सकी ! तुम्हें समेटना चाहती थी प्रेम से, दुलार देना चाहती […]
सूर्य उदित हुए सुबह हुई बड़ी ठंडी सी सुबह थी सूरज ने भी कोहरे की चादर ओढ़ रखी थी वक्त का पता ही ना चला कब सुबह हुई कब दिन ढ़ला सुबह, दोपहर सांझ सब […]
नए साल ने दस्तक दी है आओ इसको हग कर लें । मन तन वचन ध्यान से अपना सारा जग कर ले। बीत गया सो बीत गया कुछ सीख गए कुछ सिखा गया । कल […]
हर वक्त बदलती जिन्दगी, हर वक़्त बदलती ग्रहों की चाल है, अंकों के बदलने से कुछ नहीं होगा, बदलेगें जिस दिन हम उस दिन नया साल है
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