जफ़ा मत कर, वफ़ा कर ले
झियाँ मत बन, मुहब्ब्त कर
सभी धोखा नहीं देते
मुहब्बत से कभी मत डर।
Category: शेर-ओ-शायरी
-
जफ़ा मत कर
-
तबस्सुम से तुम्हारी हम
तबस्सुम से तुम्हारी हम
सभी गम भूल जाते हैं,
आईन्दा दूर मत जाना
जुदाई सह न पाते हैं। -
तुम मुझे।
कुछ तरीके बताओ ना मुझे,
कैसे भूले हो तुम मुझे। -
क्यों मनाएं किसी को।
क्यों मनाएं किसी को,
रूठना हमें भी आता है।
जो भूले बैठे हैं हमें,
भुलाना हमें भी आता है। -
जिंदगी जी लेते।
बेखौफ होकर जिंदगी जी लेते,
अगर तुम्हें खोने का डर ना होता… -
मुझे पता नहीं….
मुझे पता नहीं तुम्हें पाने का तरीका,
पर खोने का सबब आज भी याद है…… -
मैं लिखती हूं कुछ अलग-सा
मैं लिखती हूं कुछ अलग-सा,
मुझे इंसानों से ,न नफ़रत हैं,
बस करती, निंदा बुराइयों की,
दुःख देने की , न हसरत है। -
गुड मॉर्निंग शायरी
चाय के कप से उठते धुंए में,
तेरी शकल नज़ार आती है,
ऐसे खो जाते है तेरे ख्यालों में,
की अक्सर मेरी चाय ठंडी हो जाती है।Read Also : Good Morning Shayari
-
जान लो खुद भाव को
यह न समझो हम बहुत दिल के बुरे हैं
बस जरा अनदेखियों से बुझ गए हैं,
लक्ष्य के थे पास लेकिन गिर गए थे
फिर उसे पाने में पूरे खप गये हैं।
इसलिए थोड़ा समय कम दे रहे हैं आपको
आप दिल के हो करीबी
जान लो खुद भाव को। -
सब कहते हैं!
सब कहते हैं! ज़माना बुरा है,
मगर ज़माना बना तो हम से ही है,
हम ढुंढते है खामियां औरों में,
क्या सारी अच्छाईयां हम में ही है! -
यदि कभी तुम प्यार की
यदि कभी तुम प्यार की
बिल्डिंग बनाओ तो मुझे
अस्ल पर रख देना तब
इत्माम पाओगे।
क्योंकि मैं ही हूँ वो जो
अधिकारिणी हूँ प्यार की
त्याग कर मुझको कई
इल्जाम पाओगे। -
चलो विदा करते हैं…
चलो विदा करते हैं उन यादों को,
कब तक कैद रखे !
उन्हें यादों के पिटारों में। -
आज भी….
आज भी आंखें सिर्फ उम्मीद के रंग ही तलाशती है,
क्या रंग नहीं देखे! इन आंखों से पूछो। -
प्यार कैसा है..
‘वो जिसे तूने था पल भर में तार-तार किया,
कभी तो पूछ अब वो ऐतबार कैसा है..
छोड़, जाने दे, आज तेरी बात करते हैं,
वो तेरे दिल में जो रहता था प्यार कैसा है..’– प्रयाग
-
मुस्कुराहट
जहाँ मुस्कुराहटों की दौर है।
अन्यत्र कहाँ अपना ठौर है।। -
ऐसा साथी
मुझको संभाल कर वो खुद गिर गए।
ऐसा साथी सब को कहाँ मिल पाए।। -
आज वे इस तरह से मुस्काये
आज वे इस तरह से मुस्काये
कि उलझे रह गए हम मुस्कुराहट में
जो असली बात थी कहनी
उसे कह नहीं पाए। -
कुछ रिश्ते…
बहुत संभाल कर रखे हैं,
कुछ रिश्ते मैंने।
उनसे रूबरू भी होते हैं।
कभी हंस कर निभाते हैं,
तो कभी हंसा कर निभाते हैं। -
हौसलों के पंख…
हम हौसलों के पंख भी लगा लेते
अगर उड़ने की चाह होती…… -
भले ही हथकड़ी डालो
प्यार करता हूँ कविता से
भले ही हथकड़ी डालो,
लिखूंगा स्वेद से अपने
गलफहमी नहीं पालो। -
मुहब्ब्त ने हमें
मुहब्ब्त ने हमें इस कदर
आसिम बना के छोड़ा है,
हर कोई मारकर पत्थर
अजाब देता है। -
चाय की तरह
मैंने कोई मौसम नहीं देखा !
मैंने तुम्हें चाहा है चाय की तरह !! -
बेखुदी
बेखुदी में जो उठ गये थे कदम
तेरी बेवफाई याद आते ही
खुद-ब-खुद रूक गये… -
बेतहाशा मोहब्बत
वो आज भी मुझे बेतहाशा
मोहब्बत करता है,
यकीन नहीं है मगर
दिल को यही लगता है.. -
किसी अदीब को हम
किसी अदीब को हम
हस्तरेखाएं दिखाकर
पूछना चाहेंगे, क्यों की
प्यार ने यूँ बेवफाई। -
गुजार दी जिन्दगी..
गुजार दी मैंने जिन्दगी बस इन्तजार में
तुम आकर सम्भाल लोगे मुझे टूटते हुए.. -
यादें..
तुम्हारा और मेरा हाल
एक जैसा ही है,
तुम्हें गैरों से फुर्सत नहीं
हमें तुम्हारी यादों से… -
ख्वाहिशें !!!
ख्वाहिशें थी तुम्हें पाने की साहब !
पर बदनामी के सिवा कुछ ना हाथ आया.. -
इतने कांटे पाए हैं…..
इतने कांटे पाए हैं मैंने राहों में ,
कि फूलों की चाह ना रही ।
इतने रास्ते बदले हैं मैंने पल-पल ,
कि मंजिल की चाह ना रही। -
वक्त का समुंदर
वक्त का समुंदर भी कम पड़ गया,
जब भूलने की बारी आई तो…. -
आंसू ठहरे थे
आंसू ठहरे थे उनकी पलकों पर ,
मगर गिरना नहीं चाहते थे ,
भीतर उठा था तूफान,
पर बहना नहीं चाहते थे। -
ऐ! आयतें
ऐ !आयतें मुझे नजरबंद,
कर ले कहीं ,
काश ! कोई दुआ में,
पढ़ ले कहीं। -
वक्त की सुई
वक्त की सुई कभी टूटती नहीं ,
मेरे साथ भी चलती है, तेरे बाद भी। -
Hindi Love Shayari
किसी को भी किसी से प्यार कैसे हो जाता है,
किसी पर भी ये दिल जांनिसार कैसे हो जाता है,
कैसे ये दिल किसी की एक झलक को तरसने लगता है,
और कैसे एक अजनबी सारा संसार हो जाता है। -
चाय गरम है
चाय गरम है,
मीठा कम है
जीवन में गम है
लेकिन अपने जीने का ढंग भी
क्या कम है।
हमें रुला दे, वक्त में ऐसा
कहाँ दम है। -
लॉकडाउन
कोरोना में लगा हुआ
लॉकडाउन तो हट गया
मेरी जिंदगी तो
लॉकडाउन में ही बसर करती है.. -
खुशबू नहीं रही
मुझे मिटाकर कहता है वो
तुम पहले जैसी नहीं रही,
फकत शक्ल ही बची है
खुशबू नहीं रही… -
किसका दिल टूटा नहीं।
कौन बचा है पूरा,
किसका दिल टूटा नहीं।
इन हसरतों की दौर में ,
कौन रोता नहीं ! -
अधूरी नज्म
पुरानी सी डायरी के फ़टे पन्ने पर लिखी
अधूरी नज्म हूं मैं
जिसकी खूशबू बरकरार है अभी भी
कई मौसम गुजर जाने के बाद -
चंद लम्हें तेरे साथ
दो पल का साथ,
पर था तो सही।
मुस्कुराए थे हम ,
कभी तो सही ।
क्यों दोष दें तेरे जाने का,
चंद लम्हे थे न मीठे।
तेरे साथ ,पर थे तो सही। -
सीधे – टेढ़े रास्ते..
कलियुग ही सही, मुझे सीधे रस्ते चलने दे,
सतयुग न सही ,मुझे टेढ़े रस्ते रास नहीं आते हैं।
……………✍️गीता.. -
जिंदगी
आंखे मीच कर भी में तुम्हे पहचान लेती हूं
जिंदगी तुम्हे मैं जीने से पहले जान लेती हूं -
ख़ुदा का साथ
जिसके साथ कोई घात होता है,
यकीनन ख़ुदा उसके साथ होता है। -
देखे जरा
चलो जरा इश्क़ करके देखे,
किसमें कितना है दम ।
सुनता हूँ जिसको डस ले ,
उसको निकल जाता है दम ।। -
परछाइयां
वक्त की कद्र ,न करते कुछ लोग।
बस ,परछाइयों के पीछे भागते रहते हैं। -
जीत
खैरात में दे दी है हमने ,अपनी जीत किसी को,
लोगों को लगा ,हम हार के आ गए। -
हर फासले की….
हर फासलें की गहराई होती है
और कोई उतर कर नहीं देखता …. -
तेरे हर दर्द की….
तेरे हर दर्द की तासीर जानते हैं,
तेरे हर रंजो गम की वजह जानते हैं,
वो बेपरवाह है ,तेरे इश्क से ,
लेकिन तेरी रज़ा क्या है?
वो सब जानते हैं। -
टूटे हुए अरमानों को बचा रखा है
टूटे हुए अरमानों को बचा रखा है,
सबकी नजरों से छुपा रखा है ,
जी तो हम भी रहे हैं लोगों के बीच,
मगर अपने जज्बातों को दबा रखा है ,
किस पर यकीन करें या ना करें ,
जो बीत चुका है, उसे छुपा रखा है,
मगर थोड़ा-सा प्यार बचाए रखा है ,
समझे नहीं वह सच्ची मोहब्बत को,
नासमझ!
हमने भी अपना गुमान बनाए रखा है। -
उनसे उम्मीद लगाना…
उनसे उम्मीद लगाना बेकार हैं
क्योंकि शाम की खिड़की से ,
सुबह का उजाला नहीं दिखता।