जय श्री सीताराम —————————— आज-न कल सबको सच की डोर में बँधना है झूठ गिराता, सच उठाता पूर्ववत् कर्म नर को बहकाता पर दृढ़-संकल्प ही नर को बचाता ——————————————— आज-न कल सबको सच की डोर […]
जय श्री सीताराम —————————— आज-न कल सबको सच की डोर में बँधना है झूठ गिराता, सच उठाता पूर्ववत् कर्म नर को बहकाता पर दृढ़-संकल्प ही नर को बचाता ——————————————— आज-न कल सबको सच की डोर […]
चंद दिनों का मेहमान यहाँ सब फिर जाना है सबको उसके दर आज किसी की बारी है, कल और किसी को जाना है, परसो अपनी बारी है .. ———————————– चंद दिनों का मेहमान यहाँ सब […]
जय श्री सीताराम ——————— दुनिया लूटी अपनी करतुत से मैं लूटा अपनी विचार से कोई लूटे तो लूटे, अपनी करतूत से पर कोई ना लूटे, अपनी संस्कार से ।। (प्रवाह) —————————————- सब खेले होली खुद […]
जय श्री सीताराम ———————— जीना जरूरी है, मरना कायरों का काम है . प्रण का टूटना स्वाभाविक है, फिर भी उठना वीरों का काम है .।।1।। ————————————————- आलस मन और सुस्त तन उसका है, जिसने […]
दुख की बदली छाई है मेरे सर पे सुख की चाह करता नहीं रब मैं तुम से तु चाहे जैसे रख ले, अपनी शरण में मैं वैसे रह लूँ, तेरी शरण में ——————————————– मेरे मालिक, […]
शुक्रवार का ही दिवस था, यीशु के बलिदान का दिन, सूली पर चढ़ गए, उस महान इन्सान की याद का दिन। शत्-शत् नमन है ईसा मसीह को मसीहा था जो इन्सानियत का एक पवित्र आत्मा […]
सम्मान और स्थान, बनाना किसी के दिल में आसाॅं नहीं है लेकिन, इतना भी कठिन नहीं है। थोड़ा सा त्याग करो गर, निज स्वार्थ से हो कर परे। कभी किसी के लिए भी सोचो, ऐसी […]
क्यूं ना थोड़ा सा, अलग बनें। खुश रहने की सलाह, बहुत दी.. अब खुश रहने की वजह बनें। मिटा कर किसी के, ह्रदय का संताप फिर अपने ह्रदय की खुशी को माप। खिलाकर किसी गरीब […]
तू न समझे बस यही दुआ है मेरी, समझ में अक्सर दिल जला करते हैं। तू नासमझ है और न ही तू समझना कभी , न दिल मेरा लगे तुझसे और , न तू लगाना […]
बुरी आदत मेरी नजरअंदाज मत करना मुझे बता देना। सच में गर मित्र हो, सुधार करने को मुझे बता देना। गीत कोई तुम्हें लगें कर्कश मेरे, भाव मेरे कहीं पर दुखाएँ दिल तेरा गर, मुझे […]
दूर कर देना बुरी आदत मेरी मेरे मौला, किसी को दर्द न दूँ बल्कि उत्साह दूँ मेरे मौला। बह रहा हो हताशा की नदी में गर कोई, उसे उबार लूँ वो शक्ति दे मेरे मौला। […]
ऊपर वाला बिना वस्त्रों के भेजता है, जन्म के वक्त निःवस्त्र भेजता है। ताकि आप ढक सको नेकी के वस्त्रों से अपना तन, प्रेम से आच्छादित कर सको अपना मन। नेकी जरूरी है, नेकी से […]
कहना सरल होता है निभाना कठिन, अगर ठान लो तो नहीं कुछ कठिन। केवल कहो मत कर्म करते रहो रुको मत कहीं पर चलते रहो। किसी का बुरा मत सोचो कभी भी, इज्जत बराबर करो […]
नभ में तारे चमक रहे हैं, चन्द्रमा भी दमक रहे हैं। निशा की है शान निराली, सुबह के गए घर लौट रहे हैं। पंछी भी वापस नीड में आए, निशा की गोद में चैन पाएं। […]
सूर्य किरण सुधा समान, पौधों को कराती रसपान विटामिन डी इनमें विद्यमान, सूर्य इसीलिए पूजित हैं जीवनोदक इनकी रश्मियाँ, प्रदान करें आलोक, इस लोक को.. सुनहरी किरणों से l सूर्य के दर्शन हों हर रोज़ […]
नव प्रभात है बीती निशा उठ कर करो पूर्ण अपनी आशा, स्वप्न करने को पूरे, आया है दिवस सुनहरा l रात भर जो देखे स्वप्न, आओ पूरे करते हैं l उठा तूलिका परिश्रम की, उल्लास […]
नव प्रभात सजा है नई किरण आशा की लेकर यह प्रभात सजा है। फूल खिले हैं गमलों में आतुर हैं मिलने किरणों से चिड़ियाओं के नैन लग रहे छोटे से हिरनों से।
गीत लिखते रहूँ मैं सुनाते रहूँ, सो गए को जगाते रहूँ। गर उठें भाव टूटन के मन में बन रबर मैं मिटाते रहूँ। निराशा हटाते रहूँ, आशा जगाते रहूँ, प्यार भावना को जगा मैं मुहब्बत […]
सुगंध के लिए इत्र पास रखिये कठिन समय के लिए मित्र पास रखिये। विपत्ति में हौसला रखिये, हँसी-मजाक का भी शौक सा रखिये। दुखों को आप हल्के में रखिये अन्यथा रोज सकते में रहिए। ईश […]
बना दो बिगड़ी सबकी मेरे सरकार सब सर नवाते हैं, तेरे दर पर मेरे राम कोई तुझसे क्या माँगे, तुम किसी को क्या देते हो राम जो देते हो तुम वो दुनिया नहीं देते है […]
बदनामी का भय, न मान-हानि का डर . वहीं है जग में सबसे ज्यादा प्रसन्न ।।1।। —————————————————— मन-माया से उपर है ब्रह्म । नर ही नारायण है, जब नर को ना हो मन-माया से डर […]
सुगंध के लिए इत्र पास रखिये कठिन समय के लिए मित्र पास रखिये। विपत्ति में हौसला रखिये, हँसी-मजाक का भी शौक सा रखिये। दुखों को आप हल्के में रखिये अन्यथा रोज सकते में रहिए। ईश […]
तेरे अंतस् में सखी उठा है जो भी ताप कल वह सब बुझ जाएगा जब आएगा नवल प्रभात इच्छा यह मेरी है कि विजय होगी तुम्हारी जिस कारण तुम रूठी वह बातें मिथ्या सारी तेरी […]
ऐ रात ! सो जा जरा कल होगा नया सवेरा जिसमें उगेगा परिश्रम का सूरज धूमेगा धरा को निज अवकाश पर जायेगी ईष्या मिट जाएगी तेरी हर शंका…
आदमी आज परेशान इतना क्यों है, लुटा सा देखता अरमान क्यों है, खुद के घर में बना मेहमान क्यों है, इंसान है तो फिर बना हैवान क्यों है। धड़कता दिल बना बेजान क्यों है, जानता […]
भोजपुरी चईता – हरी हरी बलिया | हरी हरी डलिया मे भरी भरी फलिया ये रामा , खेतवा मे डोले ले गेंहुया के बलिया ये रामा खेतवा मे | चढले चइत के जबसे मस्त महीनवा […]
रे मन ! तू परोपकार कर निज तन की तू थोड़ चाकरी मानवता कर रे मन ! तू परोपकार कर अपने दु:ख को थोंड़ मनुष की सेवा तू कर रे मन ! तू परोपकार कर […]
रानी लक्ष्मीबाई ने भारत से किया प्राणों से बढ़कर प्रेम देश की खातिर कर दिया प्राणों का भी होम प्राणों का भी होम करके यह देश बचाया अंग्रेजों के आगे कभी ना सिर को झुकाया […]
मेरे लिखे से उजाला हो जाये कुछ भी नहीं तो उठें चिंगारिया, किसी को जिन्दगी का रास्ता मिल जाये। अंधेरे में भटकता अगर मन हो किसी का मेरी दो पंक्ति उसको रास्ता दे आये। तभी […]
अहो पत्थर! नदी से घिस- घिस रेत बनते हो, धूल बह जाती है, तुम ही तुम शेष रहते हो। नदी की नीलिमा में तुम बहुत ही श्वेत लगते हो। भवन निर्माण में तुम्हीं मजबूत बनते […]
ईंट फेंकेगा आप पर कोई आप उस ईंट को संभाल कर रखना, कभी भवन बनाओगे या कुछ सृजन करोगे, काम आयेंगी वे ईंट और पत्थर। आंख में रेत झौंके आपके अगर कोई, सच का चश्मा […]
तुम्हारी मुस्कुराहट की अजब सी बात देखी आज मैंने दर्द में डूबा हुआ मन दर्द सारा भूलकर, फूल खुशियों के उगाने को बढ़ाता है कदम। मुस्कुराहट ही बड़ी पहचान है इंसान की। जानवर हँसते नहीं […]
ईश ऐसा वर मुझे दे ईर्ष्या से दूर बैठूँ, पंक्तियाँ लिख दूँ वहाँ जिस ओर थोड़ा दर्द देखूँ। देख अनदेखा नहीं कर पाऊँ पीड़ा दूसरे की, बल्कि खुद महसूस कर पाऊँ मैं पीड़ा दूसरे की। […]
किन्नर होना अभिशाप है !! यह जाना जन्म पाकर जहां भी जाऊं माहौल बन जाता है हास्यास्पद मैं तो गौरी शंकर का रूप हूं हां मैं अर्धनारीश्वर हूं क्यों नहीं समझते दुनिया वाले मुझको अपने […]
लिखने को साहित्य अब होता है मन बेचैन इस जीवन की व्यस्तता लेने ना देती चैन, लेने ना देती चैन लिखने को व्याकुल है मन मन के कागज पर लिखने को आतुर है तन हाय […]
सावन का मंच ***************** ओ कवियों की लेखनी! लिखो खूब साहित्य लिखो खूब साहित्य सफल हिंदी को कर दो सावन का यह मंच पल्लवित पुष्पित कर दो।।
जहां नहीं संतोष मन छोड़ दीजिए राह, उलझन की हर वस्तु की छोड़ दीजिये चाह। छोड़ दीजिये चाह साथ में साथ मित्र का जिसको केवल याद रहता सौरभ इत्र का। कहे सतीश जाना, तुम दिल […]
ममता की मूरत है तू निज प्राणों की सूरत है तू हे ममता की मूरत ! लक्ष्मी की सूरत है तू तूने हमको जन्म दिया खाने को मीठा भोग दिया महीने रखकर पेट में तूने […]
देख रहा दर्पण मनुज करने निज पहचान, बाहर तो सब दिख गया भीतर से अंजान। भीतर से अंजान, खिली लालिमा देख कर मुस्काया मन ही मन देखा जब सुन्दर तन। कहे सतीश बाहर भीतर रह […]
प्रदूषण मुक्त हो हमारा भारत यही कोशिश करनी है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत की जगानी है जन-जन में अलख और स्वयं भी स्वच्छता की बात करनी है। हवाओं में कितना जहर भर गया है गांवों […]
बात हो रोजगार की, भरें युवा के जख्म, जगे नया उत्साह अब, नयी बजे कुछ नज्म। नयी बजे कुछ नज्म, खिले माथा यौवन का, सिंचित कर हर फूल, खिले भारत उपवन का, कहे लेखनी न्याय […]
मत भूलो सब एक हैं, क्यों रखना है भेद, मानव हैं मानव सभी, क्यों रखना संदेह। क्यों रखना संदेह, न कोई बड़ा न छोटा, भेदभाव ने मनुज कुल का गला है घौंटा। कहे सतीश सब […]
कई माह बीत गये बारिश नहीं हुई। सूखी धरा के अधर ताकते हैं नभ को। प्राणी हैं व्याकुल जल की कमी से, सब तरफ है सूखा प्यास आज सबको। पौधे झुलस कर मुरझा गए हैं, […]
बीज बोना है तुम्हें, सद्भाव का बो डालिये, साफ हो मन, साफ हो तन, मैल को धो डालिये। यूँ ही मंजिल जीत लेंगे भ्रम को मत पालिये, हो सके तो आप हृदय में मुहब्बत पालिये। […]
जाग इंसान उनकी मदद कर है सहारे की जिनको जरूरत, भूख से जो बिलखता है बचपन आगे रहकर तू उसकी मदद कर। क्या करेगा कमा करके इतना क्या करेगा जमा करके इतना, तू कमा खूब […]
“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” ———————————- एक बेटी को शिक्षित करने से दो कुल शिक्षित हो जाते हैं। फिर भी ना जाने क्यों लोग अपनी बेटियों को नहीं पढ़ाते हैं । जल्दी शादी करने की जाने […]
“नशा नाश का दूजा नाम तन, मन, धन तीनों बेकार।।” ++++++++++++++++++++++++++++++++ नशा नहीं जिंदगी अपनाओ अपने परिवार को हादसों से बचाओ। होली हो या हो दिवाली या हो कोई त्यौहार जुआ चरस गांजा से बच […]
“होली का त्यौहार” ×××××××××××××× होली में जल गए सभी के दुख और कलेश चूनर ओढ़ी थी बुआ ने जा लिपटी विष्णु भक्त के बैरी जलकर भस्म हुए बच गए भक्त प्रह्लाद विष्णु ही सत्य है […]
*****हैप्पी होली, आप सभी को हैप्पी होली स्नेह बरसता रहे यूॅं ही, रहे सदा ही मीठी बोली आप सभी को हैप्पी होली प्रार्थना है प्रभु से यह मेरी, रहे सभी दुखों से दूर तन स्वस्थ […]
दही बड़े खट्टी-मीठी चटनी संग, मैंने बहुत बनाए l लाल, गुलाबी केसरिया पीले, रंग भी बहुत लगाए l मीठी गुजिया, चटपटे दही बड़े, सब ने मिलजुल कर खाए l आप की होली कैसी रही, हमको […]
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