तबाही ज़िन्दगी की

दिल ही तो मांगा था

कौन सी कायनात मांंग ली

जो शब्दो में उलझा कर

मेरे दिल को ताार तार दिया

गुनाह तो नही प्यार करना

जो मुुुझे तबाह कर दिया


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3 Comments

  1. Geeta kumari - January 24, 2021, 10:46 am

    कवियित्री नूरी जी की हृदय स्पर्शी पंक्तियां। मार्मिक अभिव्यक्ति

  2. Noorie Noor - January 24, 2021, 1:13 pm

    Thanku g pr mujhe lgta ha ki yha shayad log pdhne m km interested h s2 ya 3 logo se jyada koi padhta hi nhi

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 25, 2021, 8:21 am

    बहुत खूब

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