प्रेम कविता

प्रेम कवितासबने प्रेम पर
जाने क्या-क्या लिखा
फ़िर भी अधूरी ही रही
हर प्रेम कविता

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2 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 10:46 am

    बहुत सुंदर

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