बात कम हो काम अधिक

बात कम हो काम अधिक
तब तो है कुछ बात।
ऐसा क्या प्रचार जो
दिन को बोले रात।
दिन को बोले रात
रात को दिन कहता हो।
तस्वीरों को खींच,
दिखावा ही करता हो।
कहे कलम दिखावा
है सच्चाई पर घात,
पहले कर लो काम
फिर होगी बाकी बात।

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