मुक्तक

मैंने काश अगर तुमको पहचाना होता!
मेरी भी जिन्दगी में मुस्कुराना होता!
बेबसी न होती तन्हाई की महादेव,
मेरा कभी मयखानों में न जाना होता!

#महादेव_की_कविताऐं (24)

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