मुक्तक

मुक्तक

तेरा जिक्र दर्द का बहाना बन जाता है!
मेरी बेखुदी का अफसाना बन जाता है!
जब भी याद आती है मुझे तेरी दिल्लगी,
जख्मों का दिल में आशियाना बन जाता है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Lives in Varanasi, India

1 Comment

  1. Abhishek kumar - November 26, 2019, 3:33 pm

    Nice

Leave a Reply