मुक्तक

जबसे आप मुझसे पराये हुए हैं!

दर्द-ए-सितम मुझको सताये हुए हैं!

मुझसे रूठी हैं मंजिलें मेरी,

अपनी जिन्दगी को भुलाये हुए हैं!

 

Composed By #महादेव


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3 Comments

  1. Udit jindal - July 11, 2016, 12:30 am

    अतिसुन्दर …

  2. राम नरेशपुरवाला - September 21, 2019, 4:24 pm

    वाह

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