‘मैं दूर तक भी आ गया……….^

‘मैं दूर तक भी आ गया, पर वो वहीं पे खडा रहा

ये उसको कैसे था पता, मैं मुड के देखूंगा जरुर।’

……….सतीश कसेरा

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Responses

  1. अपनी बात से पलटने की आदत तो तुम्हे हमेशा से थी
    जाते हुए जरा आज पलट जाओ तो चैन आ जाये

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