ये दिल…

ये दिल…
वही क्यूॅं माॅंगता है!!
जो अक्सर मिल ना पाए,
लब वही क्यूॅं कहना चाहें!!
जो अक्सर हम कह ना पाएं।
काश!!
दिल ही न होता,
तो ये दर्द भी ना होता।
हम दर्द न मिले कोई दर्द में,
जान भी माॅंगेंगे वो..
तो जान भी दे देंगे हम,
जानते हैं हम उनको..
पिछले जन्म से॥
______✍गीता


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6 Comments

  1. vivek singhal - April 5, 2021, 11:06 pm

    बहुत ही लाजवाब है

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 6, 2021, 8:26 am

    बहुत खूब

  3. Pragya Shukla - April 7, 2021, 10:50 pm

    वाह सुंदर भाव

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