वफाए लेती है सबक वफ़ा का हमसे

वफाए लेती है सबक वफ़ा का हमसे
क्या वफ़ा का सबक तुम सिखाओगे

…… यूई

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मुझे याद रहा, तुम भूल गए ……

मुझे याद रहा,  तुम भूल गए  कहने को दो दिल चार आँखे हम, थी एक रूह में बस्ती जान हमारी कहने को दिया और बाती हम, थी बस लौ ही पहचान हमारी   मदमस्त हवाओं के झोंकों से, थे लहराते गाते जज़्बात हमारे, उतार सजाया आस्मानो में, थे सपने जो जनमें पलकों तले हमारे   कुछ यूँ खाईं थी क़समें हमने, हर हाल में प्यार निभाएँगे मिल पाए तो ज़िन्दा हैं, ना मिल पाए तो यादों में निभाएँगे   हुए गर तन से ज़ुदा तो क्या, ज़ुदा ना मन से कभी हो पाएँगे गर साँसें छोड़ जाएँ साथ तो क्या, जन्मो का साथ निभाएँगे   बरसों से हम उसी मोड़ पे अटके, राह जहां से तुम बदल गए मोहब्बत को नए मायने दे कर,…

दिल मे क्या दर्द है

दिल मे क्या दर्द है बताऊं क्या बोलो सहारा दोगे दिखाऊँ क्या।। आंखों में सन्नाटा नही ये आग है बोलो बुझाओगे करीब आऊं क्या।। तन्हाइयां…

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