सब तो लिख गए दर्द

सब तो लिख गए दर्द ,मीर,मोमिन,फैज़ , दाग,साहिर ग़ालिब ,फ़राज़
हम तो खाक है बस ,कलम की रोशनाई कागज़ों पे घिस रहें है
राजेश’अरमान’

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