8 Comments

  1. कहीं आग है
    कहीं पानी है,
    फिर भी न बुझा पाये तो
    हमारी नादानी है।
    ************जीवन की सच्चाइयों से अवगत कराती हुई बहुत सुन्दर रचना। शिल्प और भाव का सुंदर समन्वय

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