फिकर होंदी है..

जित्थे वेखां ते मेनू तू ही नज़र औंदी है,
के जेया तू ही रूह तू ही जिगर होंदी है..
तेनू सौ रब दी मेनू छड न कदे वी जाणां,
मेनू हर वक्त हूण तां तेरी फिकर होंदी है..

– प्रयाग

मायने :
वेखां – देखूँ
औंदी है – आती है
जेया – जैसे
हूण तां – अब तो

Comments

11 responses to “फिकर होंदी है..”

  1. Geeta kumari

    Bhot vadiya ji

  2. तुसी ग्रेट हो

      1. Pragya Shukla

        आभार

    1. आभार आपका

    1. शुक्रिया सर

  3. Pratima chaudhary

    सुन्दर प्रस्तुति

    1. Prayag Dharmani

      बहुत शुक्रिया

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