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  1. एक सुंदर एंड प्रेरणादायक कविता। इस कविता में कवि ने न सिर्फ शांत रस, अपितु वीर रस के प्रयोग से पाठक को कर्मठ तथा आत्मविश्वासी होने के लिए प्रेरित किया है। कविता की प्रारंभिक पंक्तियों द्वारा कवि मनुष्य को स्वयं की असफलताओं को स्वीकार कर सदा चलते रहने के लिए प्रेरित करते हैं। कविता में कवि जीवन में आने वाली विषमताओं की तुलना काटों से करते हैं और स्वयं को इतना दृढ़ कर लेने की बात करते हैं, की हमें कांटे भी पुष्प के समान प्रतीत हों। कविता में कवि ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु को छुआ है, जो की है मानव द्वारा अतीत को सोचकर खेद या दुःख प्रकट करना। कवि कहते हैं की हमें अतीत पर खेद प्रकट न करके स्वयं पर आत्मविश्वास रख कर जीवन को सही ढंग से जीने के लिए प्रेरित होना चाहिए।

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