14 Comments

  1. वाह वाह, सतीश जी ..उत्साह,उल्लास एवम् श्रृंगार रस से ओत-प्रोत अति सुन्दर काव्य रचना..।
    सरपट दौड़ती लेखनी को मेरा नमस्कार, अभिवादन सर..।

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