तस्वीर

इक तस्वीर है इस दिल के पास।
फिर क्यु दिल है उदास – उदास।।

माना की तु दुर है सदियों से मगर,
तेरी यादे है मेरे दिल के आसपास।।

वो लरजते होठो से मेरे गीतो का गाना,
उन गीतो को आज भी है तेरी तलास।।

“योगेन्द्र” देखना मिल जायेगी मोहब्बत,
इसलिये तो दिल मे बसी है इक आस।।

योगेन्द्र कुमार निषाद
१०.०१.२०१८

Comments

2 responses to “तस्वीर”

  1. Abhishek kumar

    Nice

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