खत्म होगा इन्तजार, स्वागत को कब होंगे तैयार
वह सुहाना पल जब कोरोना मुक्त होगा यह संसार
इस टूटन-घुटन पङी जिन्दगी से है सभी बेजार
बस फिर से हो रब की नियामत सुखमय हो संसार
नियामत
Comments
4 responses to “नियामत”
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अतिसुन्दर
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सादर आभार
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बहुत खूब
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सादर आभार
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