5 Comments

  1. आकाश की सुंदरता बढ़ाता कपासी बादल नहीं
    धरती का प्रियतम है वह काला बादल जो
    अपने प्रेम से करता है धरा का शृंगार..
    प्रेम में सौंदर्य है, किन्तु प्रेम केवल सौंदर्य में नहीं है”..
    ________ प्रेम की बहुत ही सुंदर और लाजवाब अभिव्यक्ति की है आपने अनु जी, उच्च स्तरीय रचना।

  2. प्रेम में सौंदर्य है,किंतु प्रेम केवल सौंदर्य में नहीं है,
    अति सुंदर

Leave a Reply