Tera sahara

काश ! मुझे सहारा तेरा मिल गया होता,
तूफा नहीं आता तो किनारा मिल गया होता,
मेरे दिल की धड़कन तुझे दस्तक देती है,
यह तन्हाई काटे नहीं कटती है,
बिखर के रह गया है तेरे बिन मेरा यह आशियाना,
चले आओ ये आंखें रास्ता देखती हैं तेरी,
तेरे बिन लगता है, सुना जहां मेरा,
न जाने कब यह बात तुझे समझ में आएगी,
वह नजारे याद आते हैं, जब हम मिला करते थे,
वह मंजर भूल नहीं सकती, जब तुम मुस्कुराते थे,
फूलों की कलियां खिलती थी, जब तुम मुस्कुराते थे |

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4 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - October 7, 2019, 4:31 pm

    दिल की आवाज़

  2. देवेश साखरे 'देव' - October 8, 2019, 3:12 pm

    बहुत खूब

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 8, 2019, 7:45 pm

    वाह बहुत सुंदर

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