Mahatma Gandhi

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आजाद भारत के तुम हो
मसीहा, गांधी तेरी यही पहचान,
सत्य अहिंसा और धर्म का.
तूने बनाई एक मिसाल.
सादा जीवन उच्च विचार का,
दुनिया को सिखलाया पाठ,
नतमस्तक होकर अंग्रेज भी,
छोड़ कर चले गए अपने देश,
आंखों पर चश्मा हाथ में लाठी,
कमर में धोती, तेरा था यही लिबास,
सिखाया आपने दुनिया को,
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई,
आपस में है भाई भाई.
भारत छोड़ो आंदोलन है
तेरा ही नारा, दिया भारतवासियों को
तूने, स्वदेशी हो कपड़ा अपना,
चरखा है तेरी पहचान,
रघुपति राघव राजा राम,
ईश्वर अल्लाह तेरे नाम,
तेरा था यही गान, सत्याग्रह,
असहयोग पर दिया था जोर,
तभी तो राष्ट्रपिता का दर्जा पाया |

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14 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - September 23, 2019, 10:57 am

    सुंदर रचना

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 23, 2019, 11:07 am

    वाह जी वाह

  3. राम नरेशपुरवाला - September 23, 2019, 1:11 pm

    महात्मा गाँधी की जय

  4. Mithilesh Rai - September 23, 2019, 2:50 pm

    बेहतरीन

  5. सुरेन्द्र मेवाड़ा 'सुरेश' - September 23, 2019, 4:42 pm

    बापु का संपूर्ण जीवन एक कविता में शामिल कर दिया 👏👏👏👏👏👏

  6. NIMISHA SINGHAL - September 23, 2019, 9:21 pm

    Wah

  7. Neeraj Bhan - September 26, 2019, 6:22 pm

    Bahut sundar rachnaa hai apki…!

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